मुख्यमंत्री ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से लंबित देयों और विवादित आवंटनों के कारण न केवल योजनाओं की प्रगति प्रभावित होती है, बल्कि आम नागरिकों को भी अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था लागू करना है, जिसमें समाधान तेज, पारदर्शी और सभी के लिए व्यावहारिक हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विकास गति को बनाए रखने के लिए आवास विभाग में लंबित प्रकरणों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ओटीएस-2026 को अधिक व्यावहारिक और लाभकारी बनाया जाए। योजना के अंतर्गत एकमुश्त भुगतान करने वाले आवंटियों को देयों में उपयुक्त छूट दी जाए, साथ ही आवश्यकता अनुसार किस्तों में भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना तैयार करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि इसका मूल उद्देश्य आम नागरिक को राहत प्रदान करना हो तथा प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ओटीएस-2026 एक जन-केन्द्रित योजना होनी चाहिए, जिसमें प्रत्येक वास्तविक आवंटी के लिए सरल, स्पष्ट और उपयोगी विकल्प मौजूद हों। योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के लागू होने से एक ओर जहां हजारों आवंटियों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर विभाग को भी आवश्यक राजस्व प्राप्त होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि एकमुश्त समाधान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें।
