बोलो राधे राधे” में गूंजेगी भक्ति की दिव्य धुन: स्वामी रसराज कृष्णदास के स्वर से सजी यह फिल्म लिखेगी आस्था की नई परिभाषा

The Divine Melody of Devotion Will Resound in "Bolo Radhe Radhe": Adorned by the Vocals of Swami Rasraj Krishnadas, This Film Will Pen a New Definition of Faith.
 
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मुंबई (अनिल बेदाग) | 18 अप्रैल 2026: भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम बनने जा रही आगामी हिंदी फिल्म “बोलो राधे राधे” इन दिनों सिने-जगत और आध्यात्मिक क्षेत्रों में विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म की भव्यता को एक नया आयाम देते हुए, निर्माताओं ने पूज्य संत एवं सुप्रसिद्ध भक्ति गायक स्वामी रसराज कृष्णदास को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा है। उनकी साधना से परिपूर्ण और मंत्रमुग्ध कर देने वाली आवाज ने फिल्म के संगीत में दिव्यता की एक नई प्राण-प्रतिष्ठा की है।

संगीत नहीं, एक गहन आध्यात्मिक समर्पण

स्वामी रसराज कृष्णदास का इस फिल्म से जुड़ना महज एक व्यावसायिक सहयोग नहीं, बल्कि एक गहरा आध्यात्मिक समर्पण है। उनकी उपस्थिति फिल्म के मूल स्तंभों—भक्ति, सेवा और सनातन मूल्यों—को और अधिक प्रामाणिक बनाती है। इसके माध्यम से दर्शक न केवल राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम को पर्दे पर देख सकेंगे, बल्कि उसे अपनी आत्मा में महसूस भी कर सकेंगे।

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परंपरा और आधुनिकता का सुरम्य संगम

फिल्म के तकनीकी और रचनात्मक पक्ष को भी अत्यंत संजीदगी से तैयार किया जा रहा है:

  • संगीत निर्देशन: संगीतकार मन्न मिश्रा पारंपरिक भक्ति रस की मिठास को आधुनिक सिनेमाई प्रस्तुति (Cinematic Appeal) में ढालने का अभिनव प्रयास कर रहे हैं।

  • लेखन और निर्देशन: लेखक-निर्देशक रवि भाटिया ने स्वयं गीतों के बोल लिखे हैं। उन्होंने हर शब्द को इस तरह पिरोया है कि वह फिल्म की कहानी और भावनात्मक यात्रा के साथ एकाकार हो जाए।

रेव मीडिया वन की एक अनूठी प्रस्तुति

रेव मीडिया वन (Rev Media One) के बैनर तले बन रही इस फिल्म का निर्माण हृदय भाटिया और विजय कुमार टिब्रेवाल कर रहे हैं। पूरी निर्माण टीम का मानना है कि “बोलो राधे राधे” केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक अनुभव होगी। इसका उद्देश्य दर्शकों को आस्था और एकता के सूत्र में पिरोते हुए दिव्यता के सागर में डुबोना है।

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