रवींद्रालय में नाटक "मैं तुझ में" का भावपूर्ण मंचन, रामायण की महिला पात्रों के त्याग और संवेदना को किया जीवंत

A Soulful Staging of the Play "Main Tujh Mein" at Ravindralaya: Bringing to Life the Sacrifice and Compassion of the Female Characters of the Ramayana
 
रवींद्रालय में नाटक "मैं तुझ में" का भावपूर्ण मंचन, रामायण की महिला पात्रों के त्याग और संवेदना को किया जीवंत
जी जे एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट्स द्वारा आज दिनांक 8 मई 2026 को स्थानीय रवींद्रालय में नाटक "मैं तुझ में" का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस प्रस्तुति की परिकल्पना, संगीत एवं निर्देशन आलोक श्रीवास्तव ने किया, जबकि नाटक का लेखन ललित सिंह पोखरिया द्वारा किया गया। रामायण के विभिन्न संस्करणों पर गहन शोध के आधार पर तैयार इस प्रस्तुति में उन महिला पात्रों को केंद्र में रखा गया, जिन्होंने अपने संस्कारों, त्याग और धर्म पालन से राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनने की दिशा दी।

नाटक में कौशल्या, कैकई, सुमित्रा, शबरी, मंदोदरी, उर्मिला और सीता जैसे पात्रों के त्याग, बलिदान और आंतरिक संघर्षों का अत्यंत संवेदनशील चित्रण किया गया। भावप्रधान गीतों और नृत्य के माध्यम से पात्रों के संदेशों को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।

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प्रस्तुति में अर्चना शुक्ला, अपूर्वा श्रीवास्तव, स्तुति अवस्थी, डॉ रुपाली श्रीवास्तव, नैना चंद्रा, माधवी निगम और सिमरन अवस्थी ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों को कई बार भावुक कर दिया।

यह प्रस्तुति इस मायने में विशेष रही कि इसमें रामायण को केवल भक्ति भाव तक सीमित न रखकर महिला पात्रों की आंतरिक और मानसिक दशा को गहराई से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने इसे एक अनूठी और विचारोत्तेजक प्रस्तुति के रूप में सराहा।

कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित आरुषि के साथ-साथ डॉ संजय श्रीवास्तव, डॉ नकुल सिन्हा, डॉ के पी चंद्रा, ज्योति किरण सिन्हा, सर्वेश अस्थाना, मनीष हिंदवी, आलोक श्रीवास्तव, सूर्यमोहन कुलश्रेष्ठ एवं सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे और इस अनूठी प्रस्तुति के साक्षी बने।

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