अरावली पर नया संकट” का अंग्रेज़ी संस्करण अमेरिका से प्रकाशित

English version of “New Crisis on Aravalli” published from America
 
English version of “New Crisis on Aravalli” published from America

अरावली पर्वतमाला पर मंडरा रहे गंभीर और बहुआयामी संकट पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तक “अरावली पर नया संकट” का अंग्रेज़ी संस्करण 16 फ़रवरी 2026 को अमेरिका से प्रकाशित हुआ। इसका प्रकाशन Lulu Publications द्वारा किया गया है।

आईएसबीएन: 978-1-105-67866-0

इस पुस्तक के लेखक भारत के सुप्रसिद्ध जल-संरक्षण कार्यकर्ता एवं जलपुरुष डॉ. राजेन्द्र सिंह हैं, जो तरुण भारत संघ (जयपुर, राजस्थान) से जुड़े हैं। पुस्तक का संपादन पर्यावरणविद् एवं महानिदेशक (तकनीकी), School of Management Sciences के प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह द्वारा किया गया है।

यह पुस्तक अरावली पर्वतमाला के समक्ष उभरते नए संकटों का गहन और तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। खनन-आधारित तथाकथित विकास, पर्यावरणीय कानूनों के शिथिलीकरण तथा नीतिगत असंतुलन ने अरावली के जलस्रोतों, वन आच्छादन और पारिस्थितिक संतुलन को गंभीर खतरे में डाल दिया है।
पुस्तक में स्पष्ट किया गया है कि अरावली केवल एक पर्वत-श्रृंखला नहीं, बल्कि उत्तर और पश्चिम भारत की जलवायु तथा वर्षा-चक्र का प्राकृतिक सुरक्षा-कवच है। इसका क्षरण भूजल स्तर में गिरावट, कृषि संकट, युवाओं में बेरोज़गारी और सामाजिक अस्थिरता जैसे व्यापक दुष्परिणाम उत्पन्न कर रहा है।
लेखक एवं संपादक ने यह तथ्य सशक्त रूप से स्थापित किया है कि अरावली का संकट मात्र पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि जल-सुरक्षा, खाद्य-सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों और भावी पीढ़ियों के अधिकारों से जुड़ा राष्ट्रीय प्रश्न है। अतः अरावली का संरक्षण हम सभी का सामूहिक एवं राष्ट्रीय दायित्व है।
यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, पर्यावरणविदों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों तथा जनसामान्य के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ-दस्तावेज सिद्ध होगी।

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