प्रथम राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता का भव्य समापन, विजेता खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के संयोजक एवं खो-खो संघ हरदोई के अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शीर्षेन्दु शील त्रिवेदी 'विपिन' ने कहा कि खो-खो भारतीय संस्कृति, मिट्टी और गति के सामंजस्य का प्रतीक है। आधुनिकता की दौड़ में जब लोग अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे समय में खो-खो जैसे पारंपरिक खेल हमें अपनी माटी और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि खो-खो केवल शारीरिक दक्षता का खेल नहीं, बल्कि त्वरित निर्णय लेने, रणनीति बनाने, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने का भी माध्यम है। इस खेल में किसी एक खिलाड़ी की भूमिका निर्णायक नहीं होती, बल्कि पूरी टीम का समन्वय ही जीत की राह तय करता है। यह खेल सिखाता है कि समाज और राष्ट्र की प्रगति भी सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि खेल का मैदान सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा विद्यालय है। यहां जाति, वर्ग, भाषा और अमीरी-गरीबी का कोई भेद नहीं होता। सभी की एक पहचान खिलाड़ी के रूप में होती है और लक्ष्य उत्कृष्ट प्रदर्शन करना होता है। उन्होंने घोषणा की कि महाविद्यालय में प्रतिवर्ष इसी तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश खो-खो संघ से आगामी जनवरी में ऑल इंडिया महिला खो-खो आमंत्रण प्रतियोगिता आयोजित कराने का आग्रह किया।
वाराणसी और गौतम बुद्ध नगर की टीमों ने मारी बाजी
प्रतियोगिता के बालक वर्ग में वाराणसी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोरखपुर की टीम दूसरे और गाजियाबाद की टीम तीसरे स्थान पर रही। वहीं बालिका वर्ग में गौतम बुद्ध नगर की टीम ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। गाजियाबाद की टीम दूसरे और गाजीपुर की टीम तीसरे स्थान पर रही।
इस अवसर पर खो-खो स्पोर्ट्स प्रमोशन वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के महासचिव भूपेंद्र सिंह ने हरदोई में राष्ट्रीय स्तर की खो-खो प्रतियोगिता आयोजित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में खो-खो फेडरेशन से वार्ता कर जल्द ही हरदोई में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में गोपाल नारायण मिश्र ने अतिथियों, खिलाड़ियों, आयोजकों, रेफरी तथा महाविद्यालय परिवार के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर शशिकांत पांडेय, अलौकिक मिश्रा, देवेश मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, गोविंद मिश्रा, पारुल गुप्ता, विनय जायसवाल, रश्मि द्विवेदी, रविंद्र गुर्जर, सत्य प्रकाश तिवारी सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, शिक्षक एवं महाविद्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे।
