विधान परिषद में 'अपार (APAAR) आईडी' योजना पर सरकार का पक्ष, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताए लाभ
लखनऊ, 5 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मानसून सत्र-2026 के तीसरे दिन बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सदन में 'अपार (APAAR) आईडी' योजना पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल रूप से सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनकल्याण, सुशासन और समग्र विकास के संकल्प के साथ शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
12 अंकों की डिजिटल पहचान
संदीप सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा शुरू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) ID योजना के तहत प्रत्येक छात्र-छात्रा को 12 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (यूनिक आईडी) प्रदान की जाती है। इस आईडी में विद्यार्थी के सभी शैक्षणिक दस्तावेज और रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे, जिससे उनका जीवनभर उपयोग किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश, स्थानांतरण और दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन पहले की तुलना में अधिक सरल और तेज़ हो जाएगा।
अभिभावकों की सहमति से बन रही आईडी
बेसिक शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि APAAR आईडी पूरी तरह अभिभावकों की सहमति के आधार पर तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप महानिदेशक स्कूल शिक्षा के माध्यम से जनपदीय अधिकारियों, विद्यालयों के शिक्षकों और अभिभावकों को योजना के प्रति जागरूक एवं प्रेरित किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके।
छात्रों के हित में महत्वपूर्ण पहल
संदीप सिंह ने कहा कि APAAR आईडी विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और डिजिटल रूप से सक्षम बनाएगी। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की दूरदर्शी पहल बताते हुए कहा कि यह योजना भविष्य में छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, प्रमाणपत्र सत्यापन और शैक्षणिक रिकॉर्ड के प्रबंधन में बड़ी सुविधा प्रदान करेगी।
