SUTA सिस्टर्स की प्रेरणादायक कहानी: लखनऊ में फिक्की फ्लो ने मनाई महिला उद्यमिता की 'मोटिवेशनल इवनिंग'
धागों और सपनों से बना 'सुता' का साम्राज्य
सुजाता और तान्या ने बताया कि कैसे नौ साल पहले उन्होंने साड़ियों के गिरते चलन के बीच इस ब्रांड की नींव रखी थी। सुजाता का 'SU' और तान्या का 'TA' मिलकर बना 'सुता', जिसका बंगाली में अर्थ 'धागा' होता है। आज यह ब्रांड न केवल कपड़ों का व्यापार है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक प्रतीक बन चुका है। उनकी कहानी ने उपस्थित 150 से अधिक महिला उद्यमियों को यह विश्वास दिलाया कि दृढ़ संकल्प से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।

चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल का विजन
फिक्की फ्लो लखनऊ चैप्टर की चेयरपर्सन वंदिता अग्रवाल ने इस अवसर पर महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को प्रोत्साहित करते हुए कहा फिक्की फ्लो प्लेटफॉर्म इतना शक्तिशाली है कि यह स्टार्टअप्स को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और विकसित होने का अवसर देता है। हम चाहते हैं कि हर महिला उद्यमी अपनी कहानी साझा करे और एक-दूसरे के विकास में सहायक बने।"
स्पीड नेटवर्किंग और 'मिस्टरी' लकी ड्रा
कार्यक्रम का संचालन अदिति जग्गी रस्तोगी ने बेहद रोचक अंदाज में किया। इस शाम की खास बातें रहीं:
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स्पीड नेटवर्किंग: सदस्यों ने एक-दूसरे के साथ बिजनेस कार्ड्स का आदान-प्रदान किया और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की।
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लकी ड्रा: कार्यक्रम में 'सुता' की ओर से लकी ड्रा निकाला गया, जिसमें पायल, ज्योति और तूलिका चंद्रा को उपहार स्वरूप सुता की प्रसिद्ध साड़ियाँ भेंट की गईं।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस मोटिवेशनल इवनिंग में टेक्सटाइल हेड स्वाति वर्मा, सीनियर वाइस चेयरपर्सन सिमरन साहनी, देवांशी सेठ, सुप्रिया अग्रवाल, वनिता यादव और भावना अभिनेष समेत शहर की प्रतिष्ठित महिला उद्यमी मौजूद रहीं।
