"द जर्नी ऑफ बांसुरी": नवीन कुमार के सुरीले सफर का सुभाष घई ने किया विमोचन

"The Journey of Bansuri": Subhash Ghai Launches Naveen Kumar's Melodious Journey
 
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मुंबई: सुरों के जादूगर और मशहूर बांसुरी वादक नवीन कुमार के जीवन और संगीत की साधना अब पन्नों पर उतर आई है। उनकी पहली किताब “द जर्नी ऑफ़ बांसुरी” का हाल ही में मुंबई के विसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में एक भव्य समारोह के दौरान विमोचन किया गया। इस यादगार शाम में संगीत, शब्द और संवेदनाओं का एक अनोखा संगम देखने को मिला।

दिग्गजों की मौजूदगी में सुरीली शुरुआत

किताब का लोकार्पण भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्मकार सुभाष घई के हाथों संपन्न हुआ। इस खास मौके पर संगीत जगत के दो और बड़े नाम—मशहूर गायक सुखविंदर सिंह और ड्रम मेस्ट्रो शिवमणि—भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की चमक और बढ़ा दी।

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सिर्फ लॉन्च नहीं, एक संगीत उत्सव

यह कार्यक्रम केवल एक बुक लॉन्च तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक म्यूजिकल फेस्टिवल में बदल गया:

  • बांसुरी की गूँज: नवीन कुमार ने अपनी बांसुरी से 'तू ही रे' जैसे कालजयी गीतों की धुनें छेड़कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

  • शानदार जुगलबंदी: शिवमणि के ताल और नवीन कुमार की बांसुरी के बीच हुई जुगलबंदी ने दर्शकों में जबरदस्त जोश भर दिया।

  • दमदार परफॉरमेंस: सुखविंदर सिंह की पावरफुल आवाज ने शाम को एक नई ऊंचाई दी।

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साधना और समर्पण की कहानी

अपनी इस उपलब्धि पर भावुक होते हुए नवीन कुमार ने कहा, “यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मेरे जीवन की वह साधना है जिसे मैंने बांसुरी के साथ जिया है।”

वहीं, सुभाष घई ने नवीन कुमार के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह किताब हर उभरते कलाकार के लिए प्रेरणा का काम करेगी, क्योंकि असली कला जुनून और कड़ी मेहनत से ही निखरती है।

क्यों खास है यह किताब?

"द जर्नी ऑफ़ बांसुरी" एक कलाकार के संघर्ष, उसकी सफलता और संगीत के प्रति उसके अटूट प्रेम की जीवंत यात्रा है। यदि आप संगीत प्रेमी हैं या किसी कला को करीब से समझना चाहते हैं, तो यह किताब आपको एक नई दृष्टि प्रदान करती है।

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