The Kerala Story 2 : द केरल स्टोरी 2 पर राजनीतिक घमासान जारी , रिलीज़ होने से पहले ही विवाद बढ़ा गया

Political turmoil over “The Kerala Story 2”: Controversy escalates even before its release
 
दूसरी ओर फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि फिल्म पीड़ित लड़कियों की वास्तविक कहानियों पर आधारित है और राजनीतिक बयानबाज़ी के बजाय अपराधियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई वीडियो और सबूत सार्वजनिक किए गए, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।  फिल्म की कहानी को लेकर सबसे बड़ा विवाद यही है कि इसमें दिखाया गया है कि कुछ मुस्लिम लड़के गैर-मुस्लिम लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं और बाद में उनका शोषण होता है। आलोचकों का आरोप है कि यह narrative एक विशेष समुदाय को निशाना बनाता है, जबकि मेकर्स इसे “सच्ची घटनाओं पर आधारित” बता रहे हैं।  फिल्म में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया—एक वर्ग इसे सच्चाई दिखाने वाली फिल्म बता रहा है, तो दूसरा इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला प्रयास कह रहा है।  अब बड़ा सवाल यही है— क्या यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है या सामाजिक विभाजन को हवा देने वाला सिनेमा?  फिल्म रिलीज़ के बाद ही साफ होगा कि दर्शक इसे किस नजरिए से देखते हैं—सच्चाई के दस्तावेज़ के रूप में या विवाद की नई चिंगारी के तौर पर।

The Kerala Story 2  :   फिल्म जब religion, politics और society जैसे संवेदनशील मुद्दों को छूती है, तो विवाद लगभग तय माना जाता है। 27 फरवरी को रिलीज़ होने वाली The Kerala Story 2 अभी सिनेमाघरों तक पहुँची भी नहीं है, लेकिन उससे पहले ही इसने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।

मामला तब और गरमा गया जब पिनाराई विजयन ने फिल्म को “hate movie” बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म के जरिए केरल के secular ताने-बाने को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, पहले भाग में भी “झूठ और communal agenda” फैलाया गया था और अब उसी narrative को दोहराया जा रहा है।

दूसरी ओर फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि फिल्म पीड़ित लड़कियों की वास्तविक कहानियों पर आधारित है और राजनीतिक बयानबाज़ी के बजाय अपराधियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई वीडियो और सबूत सार्वजनिक किए गए, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया।

फिल्म की कहानी को लेकर सबसे बड़ा विवाद यही है कि इसमें दिखाया गया है कि कुछ मुस्लिम लड़के गैर-मुस्लिम लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं और बाद में उनका शोषण होता है। आलोचकों का आरोप है कि यह narrative एक विशेष समुदाय को निशाना बनाता है, जबकि मेकर्स इसे “सच्ची घटनाओं पर आधारित” बता रहे हैं।

फिल्म में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगी। ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया—एक वर्ग इसे सच्चाई दिखाने वाली फिल्म बता रहा है, तो दूसरा इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला प्रयास कह रहा है।

अब बड़ा सवाल यही है—क्या यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है या सामाजिक विभाजन को हवा देने वाला सिनेमा?फिल्म रिलीज़ के बाद ही साफ होगा कि दर्शक इसे किस नजरिए से देखते हैं—सच्चाई के दस्तावेज़ के रूप में या विवाद की नई चिंगारी के तौर पर।

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