अमेरिका में जला भरत जी के त्याग का दीप; 'अटल विश्व बंधुत्वेश्वरम धाम' के संकल्प के साथ चित्रकूट से हुआ विश्व बंधुत्व का शंखनाद

The lamp of Bharat's spirit of renunciation was lit in America; the clarion call for universal brotherhood was sounded from Chitrakoot with the resolve to establish 'Atal Vishwa Bandhutveshwaram Dham'.
 
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चित्रकूट धाम (आर एल पाण्डेय की रिपोर्ट):

"दक्षिणे रामेश्वरम यस्य उत्तरे बंधुत्वेश्वरम" के महान और पवित्र संकल्प के साथ पावन तीर्थ चित्रकूट धाम कामदगिरि की धरा से विश्व बंधुत्व (ग्लोबल ब्रदरहुड) का एक नया शंखनाद हुआ है। भारत की सनातन संस्कृति, संप्रभुता और भाईचारे के संदेश को सात समंदर पार अमेरिका की धरती पर स्थापित करने के उद्देश्य से एक भव्य आध्यात्मिक अभियान की शुरुआत की गई है, जिसने इंडो-अमेरिकन समुदाय को राम-भरत मिलाप के आदर्शों का एक अनूठा 'अमृत कलश' सौंपा है।

प्रफुल्लता पटेल बनीं अटल विश्व बंधुत्वेश्वरम धाम निर्माण समिति की 'इंडो-अमेरिका प्रेसिडेंट'

मूल रूप से भारत के गुजरात (सूरत, बारडोली) की रहने वाली और वर्तमान में अमेरिका में कार्यरत प्रख्यात कुशल समाजसेवी प्रफुल्लता पटेल को 'अटल विश्व बंधुत्वेश्वरम धाम निर्माण समिति' का इंडो-अमेरिका अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) मनोनीत किया गया है।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के मानस पुत्र और हाई कोर्ट लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव द्विवेदी ने उनके सेवाभाव और वैश्विक दृष्टिकोण को देखते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत किया।

संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) को रंगभेद मुक्त विश्व का संदेश

अमेरिका की धरती पर भरत जी के महान त्याग और समर्पण का 'दीप' प्रज्वलित कर प्रफुल्लता पटेल ने संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations) और वैश्विक समुदाय को 'वयम एकम' (हम सब एक हैं) का संदेश दिया है। उनका उद्देश्य विश्व को रंगभेद, युद्ध और वैमनस्य से मुक्त कर मानवता की स्थापना करना है, जिसे इन पंक्तियों के माध्यम से रेखांकित किया गया:

"सदियों तक रंग भेद के युद्ध हुए अब न हो- नहीं कहीं हो खून खराबा और न रंग भेद अपमान।

मानवता का दीप जलाएं बने विधाता का वरदान।"

चित्रकूट धाम कामदगिरि में बनेगी राम-भरत मिलाप की भव्य मूर्ति

इंडो-अमेरिका अध्यक्ष मनोनीत होने के बाद प्रफुल्लता पटेल जी ने अपनी भावी योजनाओं और संकल्पों को साझा किया। उन्होंने कहा कि:

  • वे शीघ्र ही अमेरिकी प्रवासी भारतीयों (NRIs) के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ चित्रकूट धाम कामदगिरि की पावन धरा पर कदम रखेंगी।

  • वहां प्रस्तावित 'राम-भरत मिलाप' की विशाल एवं भव्य मूर्ति के निर्माण में अतुलनीय और ऐतिहासिक सहयोग देने का उन्होंने संकल्प लिया है।

  • इस पावन धाम के निर्माण में उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक और विदेशों में फैलीं भारत की महान विभूतियां, संत, ऋषि-मुनि, नर-सिंह, नर-वानर और नर-किन्नर समाज मिलकर अपना योगदान देंगे।

राखी बांधकर लिया 'रक्षा स्तोत्र' और भाई-बहन के पवित्र भाव का संकल्प

मानवता और सनातन मूल्यों से ओतप्रोत समाजसेविका प्रफुल्लता जी ने चित्रकूट धाम में भरत जी के त्याग के दीपक की साक्षी में संजीव द्विवेदी (मानस पुत्र अटल बिहारी वाजपेयी) को राखी बांधने का भी पवित्र संकल्प लिया, ताकि भाई-बहन का यह पावन रिश्ता समाज के सामने एक मजबूत 'रक्षा स्तोत्र' के रूप में मिसाल बन सके।

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