भगवान् भोले नाथ की लीलायों का अभिनय,मंचन किया गया

सती वियोग में शिव जी की समाधि,, पार्वती जी का राजा हिमांचल के यहाँ जन्म, कामदेव और रति की के द्वारा तपस्या को भंग करना,, कामदेव को शिव जी द्वारा भस्म, रति को वरदान,, नारद जी के द्वारा पार्वती को शिव जी के साथ विवाह के लिए तप करने को बताना, शिव जी और पार्वती का विवाह, शिव वरात,, वृन्दा के द्वारा तप करना,, महादेव के द्वारा जलंधर का वध,, भगवान् विष्णु द्वारा वृन्दा को तुलसी का वरदान मुख्य थे,, सभी लीलायो का निर्देशन, मंचन् और अभिनय महिलायों और वाल कलाकारों के द्वारा किया गया,,

सभी पात्र कलाकारों का अभिनय साराहनीय रहा,, सभी दर्शकों ने सभी लीलायों का आनन्द लिया और भोले नाथ की लीलायों में कुछ समय के सभी लिए समाहित हो गए,, हमारे सनातन धर्म के लिए इस तरह के लीलायो का मंचन् गर्व की बात है,जो हमारी भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरणा दायक है,

सभी अभिनीत पात्र महिला और वाल कलाकारों को उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की शुभ कामनाएं,, भव्य आयोजन के लिए महिला क्लब की सभी सम्मानित मातृ शक्तियों का ह्रदय से आभार,, देवो के देव महादेव की कृपा आप सभी पर बनी रहे,,

मैं सौभाग्य शाली हूँ कि मुझे दर्शक बनकर लीलायों का आनंद लेने का अवसर मिला,, मुझे अपनो के बीच आपके द्वारा मुख्य अतिथि बनने का जो सम्मान मिला,, आपके द्वारा सम्मान और स्नेह से अभिभूत हूँ,, सभी मात्र शक्ति का ह्रदय से अभिवादन, हर हर महादेव, जय शिव पार्वती,, ले. कर्नल बीरेंद्र सिंह तोमर(से. नि.)
