स्वदेशी अर्थव्यवस्था से होकर जाता है आत्मनिर्भर भारत का रास्ता: पुनीत मोदगिल
ऊना। सत्य देव शर्मा सहोड़। स्वदेशी जागरण मंच जिला ऊना की ओर से श्री विष्णु सनातन धर्म भटोली कॉलेज में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वदेशी अर्थव्यवस्था, उद्यमिता, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं जिले के सफल उद्यमी पुनीत मोदगिल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि स्वदेशी अर्थव्यवस्था से ही आत्मनिर्भर भारत का रास्ता निकलता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों, प्रतिभा और कौशल का बेहतर इस्तेमाल कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। युवाओं को नौकरी की तलाश के साथ-साथ उद्यमिता और स्वरोजगार के विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए।
पुनीत मोदगिल ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के साथ आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने उद्यमिता के अनुभव साझा करते हुए युवाओं से अपनी क्षमताओं को पहचानने, नए विचारों पर काम करने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
स्वदेशी केवल वस्तुओं के इस्तेमाल तक सीमित नहीं
स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक प्रशिक्षक सत्य देव शर्मा सहोड़ ने कहा कि स्वदेशी केवल स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल तक सीमित अवधारणा नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक स्वावलंबन से जुड़ी व्यापक सोच है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी सोच के साथ आगे बढ़ना देश की आर्थिक मजबूती में योगदान देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और उद्यमों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
मंच के जिला प्रचार प्रमुख पंकज सहोड़ ने कहा कि स्वदेशी की भावना समाज के प्रत्येक व्यक्ति में मौजूद है, आवश्यकता केवल इसे व्यवहार में उतारने की है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव भी कायम रहता है।
उन्होंने युवाओं से स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, स्थानीय उद्यमियों का सहयोग करने और अपनी प्रतिभा एवं कौशल को स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों ने उद्यमिता पर किया संवाद
सम्मेलन के दौरान विद्यार्थियों को उद्यमिता और स्वरोजगार से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने वक्ताओं के साथ संवाद करते हुए अपने सवाल रखे और उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं में स्वावलंबन, उद्यमिता और स्वदेशी अर्थव्यवस्था के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा उन्हें रोजगार तलाशने के साथ रोजगार सृजित करने की दिशा में प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम में एसवीएसडी भटोली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद शर्मा, प्रो. अरविंद राणा, प्रो. बिंदु शर्मा, प्रो. पूनम शर्मा, प्रो. नेहा, प्रो. शिवानी, डॉ. संगीता, डॉ. ज्योति, विनोद शर्मा, मोनू राणा और अमित कुमार सहित कॉलेज के शिक्षक एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
