बड़े मंगल पर भक्तिमय हुआ RR Group of Institutions का परिसर, सुंदरकांड पाठ के साथ लगा भव्य भंडारा
हनुमान जी के चरित्र से लें अनुशासन और समर्पण की प्रेरणा: आचार्य दिलीप शुक्ला
संस्थान परिसर में आयोजित इस सुंदरकांड पाठ का वाचन सुप्रसिद्ध राम कथा वाचक आचार्य श्री दिलीप शुक्ला जी महाराज द्वारा किया गया। पाठ के समापन पर उपस्थित जनसमूह और विशेषकर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने हनुमान जी के जीवन के गूढ़ रहस्यों को साझा किया श्री हनुमान जी का संपूर्ण जीवन चरित्र युवाओं के लिए अनुशासन, अटूट समर्पण, गुरु भक्ति और निस्वार्थ सेवा भाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। पवनपुत्र का व्यक्तित्व हमें यह सीख देता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि हमारे पास मजबूत आत्मविश्वास, अनवरत परिश्रम और सकारात्मक दृष्टिकोण है, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।"
आचार्य जी ने छात्रों को जीवन में सदैव नैतिक मूल्यों और संस्कारों को अपनाने का संदेश दिया।
विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु, कॉलेज प्रबंधन रहा मौजूद
सुंदरकांड पाठ और आरती के उपरांत भव्य भंडारे की शुरुआत हुई, जिसमें संस्थान के सदस्यों सहित आस-पास के क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पावन अवसर पर संस्थान का शीर्ष प्रबंधन और वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
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श्री अनिल कुमार अग्रवाल (चेयरमैन)
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श्री चित्रांशु अग्रवाल (सेक्रेटरी)
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श्री एस.एस. चौहान (डायरेक्टर)
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दुर्गेश वर्मा (डीन एकेडमिक), विकास सिंह (डीन स्टूडेंट वेलफेयर), मिस आरती जायसवाल (डीन ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट), विजय बहादुर सिंह (चीफ प्रॉक्टर) और आशुतोष शुक्ला (फर्स्ट ईयर कोऑर्डिनेटर)।
इसके अतिरिक्त, कॉलेज के इस आयोजन में आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के सम्मानित ग्राम प्रधानों और कई गणमान्य हस्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
छात्रों और वार्डन ने संभाली संचालन की कमान
पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने की जिम्मेदारी कॉलेज के वार्डन श्री महेंद्र सिंह और संस्थान के होनहार छात्र-छात्राओं की टीम ने निभाई। पूरे दिन कॉलेज का वातावरण बजरंगबली के जयकारों और भजनों से गुंजायमान रहा। सभी आगंतुकों ने हनुमान जी की आराधना कर समाज में सुख, शांति, भाईचारे और समृद्धि की कामना की।
