मेडिकल कॉलेजों में छात्रों की समस्याओं का होगा समयबद्ध समाधान, योगी सरकार ने लागू की तीन-स्तरीय शिकायत व्यवस्था
हर संस्थान में नामित होंगे स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर, शिकायत पेटिका के जरिए विद्यार्थी दर्ज करा सकेंगे अपनी बात
लखनऊ, नवंबर। उत्तर प्रदेश के राजकीय एवं स्वशासी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तीन-स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने की पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षित, सकारात्मक, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण नेहा शर्मा की पहल पर शुरू किए गए स्टूडेंट ग्रीवांस एंड वेलफेयर इनिशिएटिव के तहत प्रदेश के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर नामित किया जाएगा। ये अधिकारी विद्यार्थियों की शिकायतों, सुझावों और समस्याओं को सुनने के साथ उनके समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे।
हर मेडिकल कॉलेज में स्थापित होगा शिकायत पेटिका बॉक्स
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के टीचिंग और एकेडमिक कैंपस में स्टूडेंट ग्रीवांस/वॉयस बॉक्स लगाया जाएगा। विद्यार्थी इसके माध्यम से अपनी शैक्षणिक, प्रशासनिक, हॉस्टल, आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा और छात्र कल्याण से जुड़ी समस्याएं लिखित रूप में दर्ज करा सकेंगे।
नामित नोडल अधिकारी प्रतिदिन शिकायत पेटिका खोलेंगे। इसमें प्राप्त शिकायतों को निर्धारित रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा और संबंधित विभागों के माध्यम से उनके निस्तारण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी बात संस्थान के प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित और सुलभ माध्यम मिलेगा।
तीन स्तरों पर आगे बढ़ेगी शिकायत निवारण प्रक्रिया
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शिकायतों के समाधान के लिए तीन स्तर निर्धारित किए हैं। पहले स्तर पर स्टूडेंट वेलफेयर नोडल ऑफिसर शिकायत प्राप्त कर उसके निस्तारण की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
यदि इस स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो विद्यार्थी अपनी शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के समक्ष रख सकेंगे। इसके बाद भी समाधान नहीं मिलने पर विद्यार्थी महानिदेशालय, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण (डीजीएमई कार्यालय) के स्टूडेंट सेल में शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
इस तरह विद्यार्थियों को कॉलेज स्तर से लेकर महानिदेशालय तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का विकल्प मिलेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल के माध्यम से मेडिकल कॉलेजों में विद्यार्थियों की समस्याओं को संस्थागत स्तर पर सुनने और उनके समाधान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। शिकायतों का रिकॉर्ड रखने, नियमित समीक्षा और फीडबैक की प्रक्रिया से शिकायत निवारण तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में विभाग की यह पहल की गई है। इससे छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट माध्यम और निर्धारित प्रशासनिक स्तर उपलब्ध होंगे।
