सुंदर दिखने की चाह में बढ़ता प्लास्टिक सर्जरी का चलन, युवाओं में तेजी से बढ़ रही कॉस्मैटिक प्रक्रियाओं की मांग
नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और आकर्षक व्यक्तित्व की चाह ने देश के युवाओं के बीच प्लास्टिक और कॉस्मैटिक सर्जरी की लोकप्रियता को तेजी से बढ़ा दिया है। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, जयपुर जैसे महानगरों के साथ-साथ लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, मोहाली और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में युवा बेहतर लुक पाने के लिए कॉस्मैटिक प्रक्रियाओं का सहारा ले रहे हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। कई मामलों में समस्या शारीरिक कम और मानसिक अधिक होती है, जहां कॉस्मैटिक ऑपरेशन की बजाय मनोवैज्ञानिक परामर्श अधिक प्रभावी साबित हो सकता है। इसके बावजूद कुछ निजी क्लीनिक और अस्पताल व्यावसायिक लाभ के लिए बिना पर्याप्त सलाह के सर्जरी करने को तैयार हो जाते हैं।
विशेषज्ञों की राय
कॉस्मैटिक सर्जनों का कहना है कि प्लास्टिक सर्जरी भी किसी अन्य ऑपरेशन की तरह गंभीर चिकित्सीय प्रक्रिया है और इसे केवल अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा ही कराया जाना चाहिए। सही मूल्यांकन के बिना की गई सर्जरी से संक्रमण, चेहरे की बनावट बिगड़ने या अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार त्वचा के दाग-धब्बे, झुर्रियां या अन्य सौंदर्य संबंधी समस्याओं का समाधान दवाओं, लेजर या अन्य गैर-शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं से भी संभव होता है। ऐसे मामलों में ऑपरेशन अंतिम विकल्प होना चाहिए।
युवाओं में क्यों बढ़ रहा है आकर्षण?
डॉक्टरों के अनुसार प्लास्टिक सर्जरी कराने वालों में केवल महिलाएं ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में पुरुष भी शामिल हैं। अनुमान के अनुसार—
- करीब 50 से 60 प्रतिशत मरीजों को वास्तव में कॉस्मैटिक सुधार की चिकित्सीय आवश्यकता होती है।
- 20 से 30 प्रतिशत लोग केवल अधिक आकर्षक दिखने या आत्मविश्वास बढ़ाने की इच्छा से सर्जरी करवाना चाहते हैं।
- लगभग 10 प्रतिशत लोग विवाह, सामाजिक स्वीकार्यता या आत्मछवि से जुड़ी समस्याओं के कारण यह विकल्प चुनते हैं।
सोशल मीडिया, मॉडलिंग, फैशन इंडस्ट्री और सेलिब्रिटी संस्कृति ने भी युवाओं में परफेक्ट लुक पाने की मानसिकता को बढ़ावा दिया है। कई निजी क्लीनिक इसी मनोविज्ञान का लाभ उठाकर बड़े-बड़े दावे करते हैं और महंगे पैकेज बेचते हैं।
किन कॉस्मैटिक प्रक्रियाओं की सबसे अधिक मांग?
विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों सबसे अधिक कराई जाने वाली कॉस्मैटिक प्रक्रियाओं में शामिल हैं—
- राइनोप्लास्टी (नाक की सर्जरी)
- फेस लिफ्ट
- ब्लीफेरोप्लास्टी (आंखों के नीचे की झुर्रियां हटाना)
- ओटोप्लास्टी (कान की सर्जरी)
- लाइपोसेक्शन (अतिरिक्त चर्बी हटाना)
युवाओं के अलावा मध्यम आयु और वरिष्ठ महिलाओं में भी उम्र के प्रभाव को कम करने के लिए इन प्रक्रियाओं की मांग बढ़ रही है।
गलत हाथों में सर्जरी का खतरा
कॉस्मैटिक विशेषज्ञों का कहना है कि कई मरीज पहले बिना योग्य चिकित्सक के ऑपरेशन करा लेते हैं और बाद में जटिलताओं के कारण सुधारात्मक सर्जरी के लिए विशेषज्ञों के पास पहुंचते हैं। ऐसे मामलों में उपचार अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। इसलिए केवल प्रमाणित और अनुभवी प्लास्टिक सर्जन से ही इलाज कराना चाहिए।
सर्जरी से पहले रखें इन बातों का ध्यान
डॉक्टरों के अनुसार कॉस्मैटिक सर्जरी से पहले मरीज की पूरी मेडिकल जांच जरूरी है। विशेष रूप से निम्न स्थितियों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए—
- मधुमेह (डायबिटीज)
- उच्च रक्तचाप
- एनीमिया
- हृदय रोग
- रक्तस्राव या रक्त के थक्के बनने से जुड़ी समस्याएं
इसके अलावा धूम्रपान और शराब का सेवन करने वालों को ऑपरेशन से पहले इन आदतों को छोड़ने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे रिकवरी प्रभावित हो सकती है।
सोच-समझकर लें फैसला
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी व्यक्ति की शारीरिक समस्या वास्तव में उसके आत्मविश्वास या जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हो, तो कॉस्मैटिक सर्जरी लाभदायक हो सकती है। लेकिन केवल सामाजिक दबाव, ट्रेंड या सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर कोई भी फैसला नहीं लेना चाहिए। किसी भी प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञ से विस्तृत परामर्श, जोखिमों की जानकारी और मानसिक तैयारी बेहद आवश्यक है।
