यह स्वर्ण पदक पूरे भारत ने जीता है’, वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन से पहले एथलीटों ने साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव

ओलंपिक चैंपियन शौने मिलर-उइबो से लेकर भारतीय रिले टीम और लंबी दूरी के धावकों तक, चर्चा में छाए खेल, मातृत्व, मानसिक मजबूती और खिलाड़ियों के सफर के किस्से
 
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नई दिल्ली, 17 अक्टूबर। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 से पहले आयोजित ‘बियॉन्ड द फिनिश लाइन’ पैनल चर्चा में दो बार की ओलंपिक चैंपियन शौने मिलर-उइबो और भारत के एशियाई खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों ने खेल जगत में संघर्ष, दृढ़ संकल्प और सफलता की कहानियां साझा कीं। शुक्रवार को नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय महिला 4x400 मीटर रिले टीम, लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और मैराथन धावक सावन बरवाल ने हिस्सा लिया।


विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन से पहले आयोजित इस चर्चा में खिलाड़ियों ने पदक जीतने के अनुभवों के साथ मातृत्व, मानसिक मजबूती, ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की कमी और खिलाड़ियों को मिलने वाले सहयोग जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।


भारतीय महिला रिले टीम की ऐतिहासिक सफलता
जापान के आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। किरण पहल, पूवम्मा एमआर, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 29 सितंबर को नागोया में 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय निकालकर यह उपलब्धि हासिल की।


रिले में दूसरी दौड़ लगाने वाली पूवम्मा एमआर ने कहा कि टीम ने स्वर्ण पदक जीतने और राष्ट्रगान सुनने का लक्ष्य तय किया था। करीब 23 वर्षों से एथलेटिक्स में सक्रिय पूवम्मा 2014 और 2018 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय रिले टीमों का भी हिस्सा रह चुकी हैं।


उन्होंने कहा कि दौड़ना अब उनके लिए केवल खेल नहीं, बल्कि जुनून बन चुका है। साथ ही उन्होंने युवा खिलाड़ियों, विशेषकर लड़कियों को प्रेरित करने की इच्छा जताई। उनके मुताबिक, यदि वह यह उपलब्धि हासिल कर सकती हैं, तो दूसरी लड़कियां भी अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।


विथ्या रामराज ने बताया कि जब उन्हें प्राची चौधरी से बैटन मिला, तो उनका पूरा ध्यान दौड़ पूरी करने और टीम के प्रयास को सफल बनाने पर था। एशियाई खेलों में मिश्रित रिले में रजत और 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली विथ्या ने कहा कि इस बार वह स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदक का रंग बदलना चाहती थीं।


वहीं, पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीत चुकीं प्राची चौधरी ने टीम की सफलता को पूरे देश की उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा, “हम चारों ने अकेले यह स्वर्ण पदक नहीं जीता है। इसे पूरे भारत ने जीता है और पूरा भारत हमारे साथ था।” प्राची के अनुसार, इस उपलब्धि ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है।


गांव से निकलकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तक सावन बरवाल का सफर


कार्यक्रम में भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में उन्होंने 1500 मीटर और 10,000 मीटर में रजत तथा 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।
मैराथन धावक सावन बरवाल ने स्कूल स्तर पर 800 मीटर दौड़ से शुरुआत करने और वर्ष 2019 में भारतीय सेना में शामिल होने तक के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सेना में आने से पहले उनके गांव में दौड़ने के लिए ट्रैक तक उपलब्ध नहीं था। खेल विज्ञान और पोषण के बारे में भी उनकी जानकारी सीमित थी।


बरवाल ने बताया कि सेना में शामिल होने के बाद उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, पोषण, चोटों से उबरने और खेल की वैज्ञानिक बारीकियों को समझने का अवसर मिला। सेना, राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविरों और प्रायोजकों से मिलने वाले सहयोग ने खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खोले हैं।


अपनी राष्ट्रीय रिकॉर्ड वाली मैराथन का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि 35 किलोमीटर की दूरी पूरी करने के बाद मानसिक और शारीरिक थकान काफी बढ़ गई थी। 37 किलोमीटर के बाद खुद को मानसिक रूप से संभालना बड़ी चुनौती बन गया। दौड़ के अंतिम किलोमीटर उन्हें बेहद लंबे महसूस हुए। फिनिश लाइन से महज 50 मीटर पहले गिरने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और उठकर दौड़ पूरी की।


हिमाचल प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन खेलों के प्रति जागरूकता और बेहतर खेल संस्कृति विकसित करने की जरूरत है। उनके अनुसार, यदि खिलाड़ियों को सही समय पर सुविधाएं और सहयोग मिले, तो देश को कई और प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिल सकते हैं।


शौने मिलर-उइबो ने महिला खिलाड़ियों को दिया संदेश


दो बार की ओलंपिक चैंपियन शौने मिलर-उइबो ने भी अपने खेल जीवन के अनुभव साझा किए। रियो और टोक्यो ओलंपिक में 400 मीटर दौड़ का स्वर्ण पदक जीत चुकीं मिलर-उइबो अब 2028 ओलंपिक में तीसरा स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही हैं।


दो बच्चों की मां होने के बावजूद शीर्ष स्तर की

प्रतियोगिताओं में वापसी करने के अपने अनुभव पर उन्होंने महिला खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वापसी करना संभव है। इसके लिए उन्होंने परिवार, प्रशिक्षकों और सहयोगियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने आसपास ऐसा सहयोगी समूह तैयार करना चाहिए, जो कठिन समय में उनके साथ खड़ा रहे। जब पूरी टीम सहयोग करती है, तो चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है।


हार और निराशा से निपटने के सवाल पर मिलर-उइबो ने कहा कि खेल ने उन्हें सिखाया है कि एक खराब दिन का अर्थ यह नहीं है कि सब कुछ समाप्त हो गया। उनके मुताबिक, असफलता के बाद खिलाड़ी किस तरह खुद को संभालता है और आगे बढ़ता है, यही उसकी मानसिक मजबूती की असली पहचान है।


भारतीय रिले टीम को मंच पर मिला सम्मान


कार्यक्रम के समापन पर शौने मिलर-उइबो और विश्व एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष अदिले सुमारीवाला ने भारतीय महिला रिले टीम की चारों सदस्यों को उनके एशियाई खेलों के स्वर्ण पदकों के साथ सम्मानित किया। इस दौरान खिलाड़ियों की उपलब्धि को सराहा गया और उनकी सफलता के सफर को याद किया गया।


यह आयोजन रविवार, 18 अक्टूबर को होने वाली 21वीं वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 से पहले आयोजित किया गया। इस वर्ष राष्ट्रीय राजधानी में 41,000 से अधिक धावकों के इस प्रतिष्ठित दौड़ में भाग लेने की उम्मीद है। खिलाड़ियों के अनुभवों और प्रेरक कहानियों से सजी इस चर्चा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि खेल में सफलता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे वर्षों का अभ्यास, कठिन परिस्थितियों से मुकाबला, मानसिक दृढ़ता और सही समय पर मिलने वाला सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


आयोजन के प्रमुख साझेदार


वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 2026 के आयोजन में विभिन्न संस्थानों और कंपनियों ने सहयोग किया है। इनमें वेदांता लिमिटेड टाइटल प्रायोजक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक एसोसिएट प्रायोजक, अमारोन ‘पावर्ड बाय’ साझेदार और प्यूमा स्पोर्ट्स गुड्स पार्टनर है।


इसके अलावा बिसलेरी हाइड्रेशन पार्टनर, एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइन पार्टनर, रेड बुल एनर्जी ड्रिंक पार्टनर, बीएमडब्ल्यू लक्जरी मोबिलिटी पार्टनर और ली मेरिडियन, नई दिल्ली, हॉस्पिटैलिटी पार्टनर है।


द टाइम्स ऑफ इंडिया प्रिंट पार्टनर, मिर्ची रेडियो पार्टनर, मेट्रो ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स मेडिकल पार्टनर, श्रीमोहा वरिष्ठ नागरिक दौड़ सहयोगी, लक्ष्य फाउंडेशन परोपकार साझेदार और इनिटियम लाइव प्रसारण एवं कंटेंट पार्टनर के रूप में जुड़े हैं।
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