Guru Ravidas जन्मस्थली पर उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तराखंड से हजारों श्रद्धालु पहुंचे वाराणसी

A wave of faith surged at the birthplace of Guru Ravidas, thousands of devotees from Uttarakhand reached Varanasi.
 
Guru Ravidas जन्मस्थली पर उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तराखंड से हजारों श्रद्धालु पहुंचे वाराणसी

वाराणसी। उत्तराखंड प्रदेश से हजारों की संख्या में गुरु रविदास जी के अनुयायी वाराणसी स्थित उनकी पावन जन्मस्थली गोवर्धनपुर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने Guru Ravidas Janam Asthan Mandir में मत्था टेककर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

यह कार्यक्रम इटली में प्रवासी रविदासिया समाज के सामाजिक कार्यकर्ता एवं खुशी टीवी के संचालक डॉ. खुशीराम सुमन के निर्देशानुसार आयोजित हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध रविदासिया धर्म के कथा वाचक रामानंद सागर उर्फ शील जी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने भक्ति और समरसता का संदेश ग्रहण किया।

श्रद्धालुओं ने कहा कि गुरु रविदास जी ने सदैव मानवतावाद, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया। उनके द्वारा कल्पित ‘बेगमपुरा’ एक ऐसे समाज की परिकल्पना है जो दुःख, भेदभाव और शोषण से मुक्त हो। 16वीं शताब्दी में उन्होंने जातिविहीन, वर्गविहीन और कर-मुक्त आदर्श समाज की क्रांतिकारी अवधारणा प्रस्तुत की थी।

अपने भजनों में गुरु रविदास जी ने एक ऐसे आध्यात्मिक नगर का वर्णन किया है जहां प्रेम, समानता और स्वतंत्रता हो तथा कोई भी भूखा या पीड़ित न रहे। यह विचार आज भी सामाजिक समरसता और न्याय के लिए प्रेरणास्रोत है।

श्रद्धालुओं ने बताया कि गुरु रविदास जी ने देशभर में भ्रमण कर भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और समता का उपदेश दिया। उनका ‘बेगमपुरा’ एक ऐसा स्थान है जहां किसी प्रकार का ग़म, चिंता या भय नहीं है। वहां ऊंच-नीच या जाति आधारित भेदभाव का कोई स्थान नहीं है और हर व्यक्ति स्वतंत्र एवं सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करता है।

इस अवसर पर राजेश कुमार, रामेश्वर, राजेंद्र, मांगेराम, अमन, आरुष, अनिकेत, कुलदीप, आशीष, रेखा, रीना, तारा, अंजू, मीरा, पिंकी देवी, मुनेश, नीरज कुमार, सुलेंद्री, साक्षी, लक्ष्मी, अर्जुन, सविता, संगीता, अनिल सरदार सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता के वातावरण में संपन्न हुआ।

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