रूफटॉप सोलर की रफ्तार धीमी करने वाली मीटर से जुड़ी तीन बड़ी बाधाएँ: देवेंद्र गुप्ता, सीईओ एवं सह-संस्थापक, इकोज़ेन सॉल्यूशंस
Three major metering hurdles slowing down rooftop solar adoption: Devendra Gupta, CEO and co-founder, Ecozen Solutions
Tue, 25 Nov 2025
बरेली। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PMSGY) शुरू होने के बाद पूरे देश में रूफटॉप सोलर बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। लेकिन व्यवहारिक स्तर पर लाखों उपभोक्ता कुछ साधारण दिखने वाली, परंतु गंभीर मीटर-संबंधित दिक्कतों के कारण सोलर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं कर पाते। यह बात इकोज़ेन सॉल्यूशंस के सीईओ एवं सह-संस्थापक देवेंद्र गुप्ता ने साझा की।
उनके अनुसार समस्या तकनीकी नहीं है—अधिकतर मामले प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं, दस्तावेज़ों और उपभोक्ताओं की रोज़मर्रा की स्थितियों से जुड़ी होती हैं।
वे तीन प्रमुख मीटर समस्याएँ, जिनसे उपभोक्ता सबसे ज्यादा जूझते हैं
1. बिजली मीटर रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होना
संयुक्त परिवारों और पैतृक घरों में मीटर अक्सर माता-पिता या अन्य रिश्तेदार के नाम पर दर्ज होता है।
लेकिन PMSGY और अन्य सरकारी योजनाओं में आवेदक का नाम बिजली बिल से मेल खाना आवश्यक होता है। इससे—
ओनरशिप दस्तावेज़ों की जांच
पहचान मिलान की समस्या
एफिडेविट और अतिरिक्त औपचारिकताएँ
जैसी जटिलताएँ पैदा होती हैं और आवेदन अटक जाता है।
सुझाव: डिजिटल रूप से सत्यापित ऑक्यूपेंसी कन्फर्मेशन की सुविधा दी जाए, ताकि नाम बदलने की अनिवार्यता समाप्त हो सके।
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2. ऐसे घर जहाँ अभी बिजली मीटर ही नहीं लगा है
नए निर्माण वाले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या व्यापक है।
बिना मीटर—
सोलर सिस्टम इंस्टॉल नहीं हो सकता
नेट-मीटरिंग शुरू नहीं की जा सकती
सब्सिडी आवेदन अधूरा रह जाता है
सुझाव: मीटर इंस्टॉलेशन और सोलर इंस्टॉलेशन की पैरलल प्रोसेसिंग की अनुमति दी जाए। इससे उपभोक्ता का ऑनबोर्डिंग समय लगभग 50% तक कम हो सकता है।
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3. सैंक्शन लोड बढ़ाने की जटिल प्रक्रिया
सोलर सिस्टम लगाने से पहले सैंक्शन लोड बढ़ाना जरूरी होता है, ताकि ग्रिड सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
लेकिन जागरूकता की कमी के कारण उपभोक्ता समय पर यह कदम नहीं उठा पाते।
देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि अलग-अलग डिस्कॉम क्षेत्रों में दस्तावेज़ों, शुल्क और समयसीमा के नियम अलग होते हैं, जिससे पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को यह प्रक्रिया काफी मुश्किल लगती है।
उन्होंने कहा कि यदि स्पष्ट दिशा-निर्देश, समयबद्ध प्रक्रिया और शुरुआती मार्गदर्शन मिले, तो यह देरी काफी कम की जा सकती है।
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इकोज़ेन का प्रयास: तकनीक के साथ-साथ प्रक्रिया को भी आसान बनाना
इकोज़ेन सॉल्यूशंस का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार तभी तेज़ होगा, जब कंपनियाँ केवल उपकरण इंस्टॉल करने तक सीमित न रहें, बल्कि उपभोक्ता की वास्तविक चुनौतियों को समझकर उनका समाधान भी उपलब्ध कराएँ।
इसी दिशा में इकोज़ेन—
पूरे पेपरवर्क को पहले से समझाकर तैयार करता है
नाम-मिसमैच, लोड अपडेट और नेट-मीटरिंग के नियम ग्राहकों को स्पष्ट बताता है
अपेक्षित समयसीमा की सही जानकारी देता है
पूरी प्रक्रिया के दौरान ग्राहकों को निरंतर मार्गदर्शन देता है
ताकि उपभोक्ता किसी भी चरण में भ्रमित न हों।
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देवेंद्र गुप्ता का संदेश
“सोलर ट्रांज़िशन तभी सफल होगा, जब सिस्टम लगाने के साथ-साथ हम लोगों की वास्तविक, जमीनी चुनौतियों को भी दूर करें।”
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