देववन नक्षत्र वाटिका को धार्मिक व पर्यावरण संरक्षण केंद्र के रूप में संवारेगा पर्यटन विभाग, महासमिति की बैठक में खाका तैयार
लखनऊ डेस्क (27 मई 2026): गोमती नगर स्थित देववन नक्षत्र वाटिका के कायाकल्प और इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। वाटिका के सुंदरीकरण और आगामी विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए गोमती नगर जनकल्याण महासमिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रबुद्धजनों के बीच एक महत्वपूर्ण परिचर्चा संपन्न हुई।
इस विशेष बैठक में महासमिति के महासचिव कर्नल ए. एन. पांडे और सचिव सी. जी. नायर की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्य अतिथि के. के. जनार्दन नांबियार के साथ वाटिका के चौमुखी विकास को लेकर बिंदुवार चर्चा की गई।
पर्यटन विभाग कराएगा विकास कार्य
बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने साझा किया कि देववन नक्षत्र वाटिका के आधुनिक और सुव्यवस्थित विकास का जिम्मा उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग को सौंपा जाना प्रस्तावित है।
इस परियोजना के तहत वाटिका को केवल एक पार्क के रूप में नहीं, बल्कि निम्नलिखित तीन मुख्य स्तंभों के आधार पर विकसित करने पर सहमति बनी है:
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धार्मिक एवं आध्यात्मिक चेतना: नक्षत्रों और वैदिक काल के पौधों का रोपण कर लोगों को प्राचीन ज्ञान से जोड़ना।
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सांस्कृतिक धरोहर: स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गतिविधियों और संवाद के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना।
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पर्यावरण संरक्षण: शहरी कंक्रीट के बीच जैव विविधता (Biodiversity) को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन बेल्ट को मजबूत करना।
"प्रकृति और आध्यात्मिकता का अनूठा केंद्र बनेगी वाटिका" — नांबियार
देववन नक्षत्र वाटिका के पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित करते हुए के. के. जनार्दन नांबियार ने कहा वाटिका आने वाले समय में प्रकृति संरक्षण, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सहभागिता का एक अनुकरणीय केंद्र बनकर उभरेगी। यहाँ आने वाले लोगों को न केवल शुद्ध वातावरण मिलेगा, बल्कि वे अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति और प्रकृति के अंतर्संबंधों को भी करीब से समझ सकेंगे।"
बैठक में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
वाटिका के विकास को गति देने के लिए आयोजित इस परिचर्चा में क्षेत्र के कई सम्मानित नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किए। इस अवसर पर मुख्य रूप से:
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टी. पी. वर्मा
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विशाल ओझा
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प्रमोद शर्मा
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तेज कुमार मिश्रा
सहित बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और महासमिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने पर्यटन विभाग के इस प्रस्तावित कदम की सराहना की और वाटिका के विकास में पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया।
