व्यापारियों का फूटा गुस्सा: टैक्स वसूली में कोई रियायत नहीं, फिर सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों?
एलपीजी संकट: व्यवसाय संचालन में बड़ी बाधा
बैठक में व्यापारियों ने घरेलू और विशेष रूप से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अनुपलब्धता और उससे जुड़ी जटिलताओं को अपनी सबसे बड़ी समस्या बताया। व्यापारियों का स्पष्ट कहना था कि ईंधन की किल्लत और वितरण में हो रही देरी के कारण उनके दैनिक व्यवसाय संचालन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
"सरकार को सच बोलना चाहिए": शिव मोहन श्रीवास्तव
बैठक के दौरान कृष्णा नगर अध्यक्ष शिव मोहन श्रीवास्तव और ट्रांसपोर्ट नगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार व्यापारियों से समय पर टैक्स वसूल रही है, जिसमें कहीं कोई रियायत नहीं दी जाती, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं के नाम पर व्यापारियों से 'झूठ' बोला जा रहा है।
"व्यापारी वर्ग को अब सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यदि हमारी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो हम बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।"
प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति
इस आक्रोश सभा में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और व्यापारी नेता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख हैं:
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष: सैय्यद जहीर चिश्ती, राजकुमार पुरी।
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उपाध्यक्ष: अमल चंदानी।
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संगठन मंत्री: राजेश कुमार पांडेय।
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प्रचार मंत्री: राघवेंद्र भदौरिया।
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सचिव: रामकिशोर गुप्ता।
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सक्रिय सदस्य: संतोष कुमार, स्मिता अग्रवाल, मल्लिका श्रीवास्तव, रूमी पुरी, विमलेश तिवारी और प्रशांत द्विवेदी।
मांग और संकल्प
बैठक के अंत में सभी व्यापारियों ने एक स्वर में मांग की कि एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाया जाए और टैक्स देने वाले व्यापारी वर्ग को सम्मानजनक व्यापारिक वातावरण प्रदान किया जाए। संगठन ने संकल्प लिया कि वे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर अपनी बात मजबूती से रखेंगे।
