राजाजीपुरम में व्यापारियों ने मनाई भगवान परशुराम जयंती: अंजनी कुमार पांडे बोले- "सर्व समाज की एकजुटता ही मानवता का असली धर्म"
धर्म की स्थापना के प्रतीक: भगवान परशुराम
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने धार्मिक ग्रंथों का उल्लेख करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म का अंधकार बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु विभिन्न अवतारों के माध्यम से धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। भगवान परशुराम इसी महान परंपरा के प्रतीक हैं, जिन्होंने न्याय और सत्य के मार्ग को प्रशस्त किया।
एकता ही जीवन का आधार: अंजनी कुमार पांडे
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडे ने अपने संबोधन में सभी को बधाई दी और सर्व समाज की एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा मानवता और सर्व समाज का कल्याण ही सबसे बड़ा धर्म है। जब तक समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर एक-दूसरे का हाथ नहीं थामेंगे, तब तक किसी भी व्यक्ति का जीवन पूर्णता को प्राप्त नहीं कर सकता। हमें आपसी सहयोग को ही अपनी सबसे बड़ी शक्ति बनाना होगा।"
मानवता के धर्म की स्थापना
प्रदेश प्रभारी श्री प्रवीण मणि त्रिपाठी ने अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जहां सर्व समाज एक साथ खड़ा होता है, वहीं सच्चे अर्थों में मानवता का धर्म स्थापित होता है। उन्होंने व्यापारियों से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का आह्वान किया।
प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में व्यापार जगत और संगठन के कई महत्वपूर्ण चेहरा शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
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प्रदेश स्तर: वरिष्ठ उपाध्यक्ष गौरव द्विवेदी, लखनऊ जिला मीडिया प्रभारी अनुपम सिंह भदौरिया।
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संगठन के स्तंभ: जिला महासचिव अनुपम सिंह, जिला सचिव अवधेश गुप्ता, राजाजीपुरम संरक्षक वीरेंद्र शुक्ला, अध्यक्ष रवि दुबे।
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क्षेत्रीय नेतृत्व: प्रदीप शुक्ला (सरोजिनी नगर विधानसभा अध्यक्ष), संजय गुप्ता (ट्रांसपोर्ट नगर), रतन दास (अयोध्या रोड), रामशंकर दूबे (आशियाना)।
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युवा एवं अन्य: युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष नमन बाजपेई, कर्मवीर सिंह, सुनील गुप्ता, सनत कुमार शुक्ला, सैयद जाहिर चिश्ती, गुलाब यादव, अर्पित गोयल, शहाबुद्दीन, मोइन कुरैशी एवं अन्य गणमान्य व्यापारी पदाधिकारी उपस्थित रहे।
एकता के संकल्प के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन आपसी सद्भाव और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित व्यापारियों ने समाज के हर वर्ग के लिए सहयोगी बनने और व्यापारिक हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने की शपथ ली।
