डॉ. राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय में स्व-जनगणना पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, विद्यार्थियों को दी गई डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी
अल्लीपुर (हरदोई)। लखनऊ डेस्क (आर.एल. पाण्डेय) हरदोई के अल्लीपुर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया महाविद्यालय में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय महत्व की जनगणना प्रक्रिया से परिचित कराने के उद्देश्य से स्व-जनगणना (Self-Enumeration) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को डिजिटल माध्यम से जनगणना संबंधी विवरण दर्ज करने, आधिकारिक पोर्टल के इस्तेमाल और सही आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला में महाविद्यालय के मास्टर ट्रेनर सिद्धार्थ पाण्डेय ने विद्यार्थियों को स्व-जनगणना की तकनीकी एवं व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि डिजिटल माध्यम से नागरिक किस प्रकार अपने और अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद अतिथियों एवं मुख्य वक्ता का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया।

राष्ट्र के विकास में जनगणना की अहम भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शीर्षेन्दु शील त्रिवेदी 'विपिन' ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास योजनाओं और भविष्य की नीतियों को निर्धारित करने का महत्वपूर्ण आधार है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े सरकार को जनसंख्या की वास्तविक स्थिति समझने और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि स्व-जनगणना की डिजिटल व्यवस्था नागरिकों को अपने परिवार का विवरण स्वयं दर्ज करने का अवसर देती है। युवा पीढ़ी इस अभियान को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विद्यार्थी प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी का उपयोग अपने परिवार, गांव और आसपास के लोगों को जागरूक करने में करें।

मास्टर ट्रेनर ने समझाई स्व-जनगणना की पूरी प्रक्रिया
प्रशिक्षण सत्र में मास्टर ट्रेनर सिद्धार्थ पाण्डेय ने डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्व-जनगणना करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। स्क्रीन प्रेजेंटेशन के जरिए उन्होंने पंजीकरण, यूजर आईडी बनाने और सुरक्षित लॉगिन करने की जानकारी दी।

उन्होंने विद्यार्थियों को परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक स्थिति, आवास एवं उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित विवरण सही तरीके से दर्ज करने के बारे में बताया। साथ ही डेटा की गोपनीयता, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन फॉर्म भरते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनगणना से संबंधित जानकारी भरते समय प्रत्येक विवरण को सावधानीपूर्वक जांचना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने कई तकनीकी सवाल भी पूछे, जिनका सिद्धार्थ पाण्डेय ने सरल उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया।
डॉ. शशिकांत पाण्डेय और डॉ. रश्मि द्विवेदी ने संभाली आयोजन की जिम्मेदारी
कार्यशाला का संयोजन महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. शशिकांत पाण्डेय एवं डॉ. रश्मि द्विवेदी ने संयुक्त रूप से किया। दोनों संयोजकों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षण सामग्री की उपलब्धता तक की जिम्मेदारी निभाई।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना भी है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में तकनीकी समझ, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।

आनन्द विशारद ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का संचालन श्री आनन्द विशारद ने प्रभावशाली अंदाज में किया। उन्होंने अपनी ओजपूर्ण प्रस्तुति और प्रेरक विचारों के माध्यम से कार्यक्रम को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया। इस अवसर पर पारुल गुप्ता, सुहानी, मुकेश कुमार, संजय श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
विद्यार्थियों ने लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यशाला में कला, विज्ञान और वाणिज्य सहित विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण जानकारियां नोट कीं और स्व-जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया को समझने में विशेष रुचि दिखाई।
कई विद्यार्थियों ने अपने गांवों और मोहल्लों में लोगों को स्व-जनगणना के प्रति जागरूक करने तथा इस प्रक्रिया की जानकारी साझा करने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने अतिथियों, मास्टर ट्रेनर, प्राचार्य, प्राध्यापकों, मीडिया प्रतिनिधियों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विशेष रूप से मास्टर ट्रेनर सिद्धार्थ पाण्डेय को विद्यार्थियों को उपयोगी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए धन्यवाद दिया गया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
