भक्ति के रंग में रंगा त्रिवेणी नगर: भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

Triveni Nagar Immersed in the Colors of Devotion: Shrimad Bhagavat Katha Commences with a Grand Procession
 
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लखनऊ (सीतापुर रोड): राजधानी के सीतापुर रोड स्थित त्रिवेणी नगर-3 में आज से अध्यात्म की अमृत वर्षा शुरू हो गई है। रुक्मणी भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन क्षेत्र का नजारा पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। कार्यक्रम का आगाज सुबह एक विशाल एवं भव्य कलश शोभायात्रा के साथ हुआ।

बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा

गुरुवार सुबह गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्री अनिल कुमार अग्रवाल जी ने पूरी श्रद्धा के साथ श्रीमद् भागवत महापुराण की पावन पोथी को अपने सिर पर धारण कर पदयात्रा की। शोभायात्रा के दौरान महिला और पुरुष श्रद्धालु भक्ति भजनों पर झूमते और नृत्य करते नजर आए, जिससे संपूर्ण सीतापुर रोड क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।

संत श्री गौरदास जी महाराज ने किया कथा वाचन

शाम 4:00 बजे व्यास पीठ से कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध राष्ट्रीय संत श्रद्धेय श्री गौरदास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भागवत महिमा का वर्णन शुरू किया। कथा के पहले दिन महाराज श्री ने भागवत महापुराण की महत्ता समझाते हुए इसे मानव कल्याण का सबसे सुलभ मार्ग बताया।

कथा के मुख्य अंश:

  • सदाचार की प्रेरणा: महाराज श्री ने कहा कि भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है जो मनुष्य को धर्म और सदाचार की ओर ले जाती है।

  • सनातन का गौरव: उन्होंने सनातन धर्म की गहराई पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारे चार वेद, छह शास्त्र, अठारह पुराण और दो महान इतिहास ग्रंथ पूरी मानवता को सही दिशा दिखाने में सक्षम हैं।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

कथा के पहले ही दिन पंडाल श्रद्धालुओं से भरा नजर आया। भक्तों ने अत्यंत भावविभोर होकर कथा का श्रवण किया। आयोजकों के अनुसार, आगामी दिनों में कथा के दौरान विभिन्न प्रसंगों और झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें भारी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।

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