ट्रूकॉलर का वैश्विक धमाका: 500 मिलियन यूजर्स का आंकड़ा पार; भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा 'ट्रस्ट' मार्केट
भारत: ट्रूकॉलर की सफलता का केंद्र
दिलचस्प बात यह है कि ट्रूकॉलर की इस वैश्विक सफलता की रीढ़ भारत है। कंपनी के कुल 500 मिलियन यूजर्स में से अकेले भारत में 350 मिलियन (35 करोड़) से ज्यादा लोग इस ऐप पर भरोसा करते हैं। वहीं, भारत के बाहर इसके यूजर्स की संख्या 150 मिलियन से अधिक है।
तेजी से बढ़ता ग्राफ:
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नया रिकॉर्ड: केवल साल 2025 में ही 50 मिलियन से ज्यादा नए यूजर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े।
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प्रीमियम ग्रोथ: कंपनी की सेवाओं के लिए भुगतान करने वाले (Paid Subscribers) की संख्या भी 4 मिलियन के आंकड़े को पार कर गई है।
सीईओ ऋषित झुनझुनवाला का बयान: अगला लक्ष्य 1 बिलियन
इस बड़ी उपलब्धि पर ट्रूकॉलर के सीईओ, ऋषित झुनझुनवाला ने कहा 500 मिलियन यूजर्स का आंकड़ा यह दर्शाता है कि आज की दुनिया में लोगों को स्पैम, स्कैम और अनचाही कॉल्स से सुरक्षा की कितनी सख्त जरूरत है। हमारा संकल्प है कि हम स्मार्ट टेक्नोलॉजी के जरिए हर कॉल और मैसेज को सुरक्षित बनाएं। अब हमारी निगाहें अगले पड़ाव यानी 1 बिलियन यूजर्स तक पहुँचने पर टिकी हैं।"
सिर्फ ऐप नहीं, एक 'सुरक्षा कवच'
आज के डिजिटल जमाने में ट्रूकॉलर सिर्फ एक कॉलर आईडी (Caller ID) ऐप नहीं रह गया है। यह करोड़ों लोगों के लिए एक 'डिजिटल सुरक्षा कवच' बन चुका है। यह यूजर्स को:
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अनजान कॉलर की पहचान करने,
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धोखाधड़ी (Fraud) से बचने,
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और किससे बात करनी है, इस पर सही फैसला लेने में मदद करता है।
छोटी टीम, बड़ा काम: महज 470 कर्मचारियों का कमाल
हैरानी की बात यह है कि दुनिया भर के आधा बिलियन (50 करोड़) लोगों को सुरक्षित रखने वाली यह कंपनी आज भी काफी 'लीन' (Lean) है। ट्रूकॉलर की पूरी ग्लोबल सर्विस को मात्र 470 कर्मचारियों की एक समर्पित टीम चला रही है, जो लगातार नई खूबियों और एआई-आधारित सुरक्षा पर काम कर रहे हैं।
बढ़ते साइबर अपराधों और फर्जी कॉल्स के दौर में ट्रूकॉलर ने खुद को एक अनिवार्य डिजिटल टूल के रूप में स्थापित किया है। भारत से शुरू हुआ यह भरोसा अब पूरी दुनिया के फोन इकोसिस्टम का अहम हिस्सा बन चुका है।
