MLK PG कॉलेज में गूंजे सुर: एकल गायन प्रतियोगिता में बेटियों का रहा दबदबा, टॉप 3 स्थानों पर जमाया कब्जा
"संगीत और मंच से बढ़ता है विद्यार्थियों का आत्मविश्वास" — प्रो. जे पी पाण्डेय
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य और कल्चरल क्लब के अध्यक्ष प्रो. जे पी पाण्डेय ने दीप प्रज्वलित कर सत्र की शुरुआत की। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए अपने संबोधन में कहा:गायन और कला से जुड़ी प्रतियोगिताएं छात्रों को सार्वजनिक मंचों पर खुलकर अपनी प्रतिभा व्यक्त करने का हौसला देती हैं। इससे उनके भीतर की झिझक और मंच का डर (Stage Fear) पूरी तरह समाप्त हो जाता है। जब साथियों और शिक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है, तो छात्रों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है, जो उन्हें भविष्य में संगीत के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है।"
उन्होंने यह भी जोड़ा कि एडुजूनियर का मुख्य उद्देश्य ऐसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों के भीतर छिपी रचनात्मकता को बाहर लाना और उन्हें अपने कौशल को निखारने के लिए एक सही और मजबूत मंच प्रदान करना है।
सुरों की जंग में इन्होंने मारी बाजी:
प्रतियोगिता के दौरान निर्णायक मंडल की भूमिका में डॉ. ओ पी सिंह, डॉ. वंदना सिंह और डॉ. शकुंतला सिंह जैसे संगीत और कला विशेषज्ञ शामिल रहे। उन्होंने बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद विजयी प्रतिभागियों के नामों की घोषणा की:
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प्रथम स्थान: कोमल मिश्रा (विजेता)
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द्वितीय स्थान: अंजलि श्रीवास्तव (उपकप्तान/उपविजेता)
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तृतीय स्थान: शुभी कश्यप
मुख्य नियंता प्रो. वीणा सिंह और क्लब प्रभारी प्रो. रेखा विश्वकर्मा ने सभी विजयी बेटियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अभ्यास और समर्पण ही सफलता की कुंजी है
क्लब के सचिव लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेंद्र कुमार चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संगीत की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगीत भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सबसे खूबसूरत जरिया है। प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और नियमित अभ्यास करने से गायन के मुख्य स्तंभ— जैसे कि स्वर, लय और श्वास नियंत्रण (Breath Control) में गजब का सुधार आता है। प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान छात्र कड़ी मेहनत, समर्पण और समय प्रबंधन (Time Management) जैसे जीवन के बेहद जरूरी सबक सीखते हैं।

आभार और गरिमामयी उपस्थिति: कार्यक्रम का सफल संचालन क्लब के कोषाध्यक्ष डॉ. स्वदेश भट्ट द्वारा किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी मुख्य अतिथियों, निर्णायकों और दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस सांस्कृतिक उत्सव के दौरान कॉलेज के विभिन्न विभागों के प्रोफेसर, स्टाफ सदस्य और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरे हॉल को गुंजायमान रखा।



