हल्दी वाला दूध हर किसी के लिए नहीं? इन लोगों को सेवन से पहले बरतनी चाहिए सावधानी

ब्लड थिनर लेने वालों और गर्भावस्था में हल्दी के अधिक सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी
 
1. जो लोग ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं  अगर कोई व्यक्ति वारफरिन या अन्य एंटीकोएगुलेंट/ब्लड थिनर दवाएं ले रहा है तो उसे हल्दी या करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कुछ चिकित्सा स्रोतों के अनुसार हल्दी और ऐसी दवाओं के बीच संभावित इंटरैक्शन से रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है।  हालांकि, इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि भोजन में सामान्य मात्रा में इस्तेमाल की जाने वाली हल्दी हर व्यक्ति के लिए खतरनाक है। अधिक मात्रा या सप्लीमेंट लेने का मामला अलग है।  2. गर्भावस्था के दौरान  गर्भावस्था में हल्दी को भोजन में सामान्य मसाले की मात्रा में इस्तेमाल करना और हल्दी/करक्यूमिन सप्लीमेंट लेना एक जैसा नहीं है। NCCIH के अनुसार, गर्भावस्था में सप्लीमेंट के रूप में हल्दी का इस्तेमाल सुरक्षित न भी हो सकता है, जबकि अधिक जानकारी की आवश्यकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अधिक मात्रा में हल्दी या करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।  3. पित्ताशय (Gallbladder) से जुड़ी समस्या वाले लोग  पित्ताशय की पथरी या अन्य गॉलब्लैडर समस्या वाले व्यक्ति को हल्दी या करक्यूमिन की अधिक मात्रा लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। खासकर सप्लीमेंट का सेवन अपनी ओर से शुरू नहीं करना चाहिए।  4. जिनका पेट संवेदनशील है या एसिडिटी रहती है  हल्दी वाला दूध हर व्यक्ति को एक जैसा सूट नहीं करता। कुछ लोगों में हल्दी या करक्यूमिन के सेवन से एसिड रिफ्लक्स, पेट में असहजता, मतली या अन्य पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। इसलिए अगर हल्दी वाला दूध लेने के बाद बार-बार जलन, पेट दर्द या दूसरी समस्या महसूस हो तो इसका सेवन रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।  हल्दी को लेकर जरूरी बात  हल्दी को पारंपरिक रूप से कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन आधुनिक शोध अभी इसके सभी कथित स्वास्थ्य लाभों को निश्चित रूप से साबित नहीं करता। NCCIH के अनुसार, हल्दी/करक्यूमिन के कई स्वास्थ्य उपयोगों पर शोध जारी है और कई मामलों में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।  इसलिए हल्दी वाले दूध को किसी बीमारी का इलाज मानकर नियमित रूप से अधिक मात्रा में पीना उचित नहीं है। खासकर यदि आप ब्लड थिनर या अन्य नियमित दवाएं लेते हैं, गर्भवती हैं, पित्ताशय की समस्या है या किसी पुरानी बीमारी का इलाज चल रहा है, तो हल्दी/करक्यूमिन की अधिक मात्रा या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

हल्दी वाला दूध भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक पेय है। सर्दी-जुकाम या शरीर में दर्द जैसी सामान्य परेशानियों के दौरान भी कई लोग इसे घरेलू उपाय के तौर पर लेते हैं। हालांकि, यह मान लेना सही नहीं है कि हल्दी हर व्यक्ति और हर मात्रा में सुरक्षित है। खासकर हल्दी या करक्यूमिन की अधिक मात्रा, सप्लीमेंट या नियमित रूप से ज्यादा सेवन करने से पहले कुछ लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH) के अनुसार, सामान्य मात्रा में हल्दी का सेवन और अधिक मात्रा में लिए जाने वाले करक्यूमिन उत्पादों के प्रभाव अलग हो सकते हैं। हल्दी या करक्यूमिन से कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स, पेट खराब, मतली, दस्त या कब्ज जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

1. जो लोग ब्लड थिनर दवाएं लेते हैं

अगर कोई व्यक्ति वारफरिन या अन्य एंटीकोएगुलेंट/ब्लड थिनर दवाएं ले रहा है तो उसे हल्दी या करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। कुछ चिकित्सा स्रोतों के अनुसार हल्दी और ऐसी दवाओं के बीच संभावित इंटरैक्शन से रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि, इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि भोजन में सामान्य मात्रा में इस्तेमाल की जाने वाली हल्दी हर व्यक्ति के लिए खतरनाक है। अधिक मात्रा या सप्लीमेंट लेने का मामला अलग है।

2. गर्भावस्था के दौरान

गर्भावस्था में हल्दी को भोजन में सामान्य मसाले की मात्रा में इस्तेमाल करना और हल्दी/करक्यूमिन सप्लीमेंट लेना एक जैसा नहीं है। NCCIH के अनुसार, गर्भावस्था में सप्लीमेंट के रूप में हल्दी का इस्तेमाल सुरक्षित न भी हो सकता है, जबकि अधिक जानकारी की आवश्यकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को अधिक मात्रा में हल्दी या करक्यूमिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

3. पित्ताशय (Gallbladder) से जुड़ी समस्या वाले लोग

पित्ताशय की पथरी या अन्य गॉलब्लैडर समस्या वाले व्यक्ति को हल्दी या करक्यूमिन की अधिक मात्रा लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। खासकर सप्लीमेंट का सेवन अपनी ओर से शुरू नहीं करना चाहिए।

4. जिनका पेट संवेदनशील है या एसिडिटी रहती है

हल्दी वाला दूध हर व्यक्ति को एक जैसा सूट नहीं करता। कुछ लोगों में हल्दी या करक्यूमिन के सेवन से एसिड रिफ्लक्स, पेट में असहजता, मतली या अन्य पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। इसलिए अगर हल्दी वाला दूध लेने के बाद बार-बार जलन, पेट दर्द या दूसरी समस्या महसूस हो तो इसका सेवन रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।

हल्दी को लेकर जरूरी बात

हल्दी को पारंपरिक रूप से कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन आधुनिक शोध अभी इसके सभी कथित स्वास्थ्य लाभों को निश्चित रूप से साबित नहीं करता। NCCIH के अनुसार, हल्दी/करक्यूमिन के कई स्वास्थ्य उपयोगों पर शोध जारी है और कई मामलों में पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

इसलिए हल्दी वाले दूध को किसी बीमारी का इलाज मानकर नियमित रूप से अधिक मात्रा में पीना उचित नहीं है। खासकर यदि आप ब्लड थिनर या अन्य नियमित दवाएं लेते हैं, गर्भवती हैं, पित्ताशय की समस्या है या किसी पुरानी बीमारी का इलाज चल रहा है, तो हल्दी/करक्यूमिन की अधिक मात्रा या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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