कूड़े को समाधान में बदला, हरियाली को पहचान दिलाई: ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने डॉ. अरविंद कुमार राव को किया सम्मानित
डॉ. राव के कार्यकाल में नगर निगम लखनऊ ने पर्यावरणीय चुनौतियों को अवसर में बदला। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में अपनाए गए नवाचारों से शहर को वर्षों पुरानी कचरा समस्या से बड़ी राहत मिली। शिवरी कूड़ा निस्तारण प्लांट और सीएंडडी प्लांट के माध्यम से लाखों मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण कर लखनऊ को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई गई।
शहर की हरियाली और सौंदर्यीकरण के प्रयासों की झलक प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी–2026 में भी देखने को मिली। इसमें नगर निगम लखनऊ ने पार्कों के उत्कृष्ट रखरखाव के लिए प्रथम तथा रूफ टॉप गार्डनिंग मॉडल के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। ये सम्मान आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रदान किए गए।
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डॉ. राव की कार्यशैली की गूंज प्रदेश से बाहर तक सुनाई दी। शिवरी प्लांट के जरिए कचरा निस्तारण की प्रशंसा बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति ने की, वहीं बृहन्मुंबई महानगर निगम को लखनऊ नगर निगम के मॉडल से सीख लेने की सलाह दी गई। इसे लखनऊ के लिए राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि माना जा रहा है।
स्वच्छता के साथ-साथ निराश्रित गोवंश की देखरेख में भी डॉ. राव के प्रयास उल्लेखनीय रहे। कान्हा उपवन गौशाला के कायाकल्प के माध्यम से पशु-कल्याण और जीव-सेवा की दिशा में ठोस कदम उठाए गए, जिससे संवेदनशील और मानवीय प्रशासन की मिसाल कायम हुई।
सम्मान समारोह के दौरान महासमिति पदाधिकारियों ने कहा कि डॉ. अरविंद कुमार राव का कार्यकाल यह सिद्ध करता है कि मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति से शहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राव ने नागरिक संगठनों के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित लखनऊ के निर्माण के लिए यह सामूहिक प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
