विकास की अनंत संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट 2026-27
डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश) (विभूति फीचर्स) भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 न केवल राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा। यह बजट उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने वाला है।
आत्मनिर्भर भारत की मजबूत होती नींव
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की जो नींव रखी गई थी, उसे बजट 2026-27 ने और अधिक सुदृढ़ किया है। आज भारत की अर्थव्यवस्था नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उद्यमिता के समन्वय से भारत ने विकास का जो संकल्प लिया है, वह अभूतपूर्व है।
जब भारत औद्योगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का वैश्विक केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है, तब मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी क्षमता के साथ इसमें योगदान देने के लिए तैयार है। राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नए बजट से इस पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है।
हरित अर्थव्यवस्था और कृषि को नई गति
बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। साथ ही कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन मोड में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
सेमीकंडक्टर, एआई और हाई-टेक निवेश के अवसर
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीकों के विकास पर बजट का विशेष फोकस है। इन क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई-टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में इन क्षेत्रों से जुड़ी नीतियाँ तैयार की जा चुकी हैं और निवेश आकर्षित करने के प्रयास लगातार जारी हैं।
गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति पर केंद्रित बजट
यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। शिक्षा के आधुनिकीकरण के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए व्यापक अवसर सृजित किए गए हैं।
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शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन
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15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 महाविद्यालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब
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पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10,000 गाइड्स का कौशल उन्नयन
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खेलो इंडिया मिशन के तहत अगले दशक में खेल परिदृश्य में परिवर्तन का लक्ष्य
ये सभी पहलें युवाओं को नई दिशा देंगी।
महिला उद्यमिता और एमएसएमई को मजबूती
महिलाओं के लिए एमएसएमई ग्रोथ फंड हेतु 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिला उद्यमियों को क्रेडिट-लिंक आजीविका से जोड़कर उद्यम स्वामित्व को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश पहले से ही इस दिशा में ठोस कदम उठा चुका है।
सिटी इकॉनॉमिक रीजन से शहरी विकास को गति
सिटी इकॉनॉमिक रीजन की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। इससे शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे, औद्योगिक-व्यावसायिक क्लस्टरिंग, आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक सुगमता को बल मिलेगा।
समावेशी विकास और मानव-पूंजी निर्माण
बजट में सामाजिक समावेश पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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शी-मार्ट्स
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दिव्यांगजन कौशल योजना
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सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल
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शिक्षा-कौशल आधारित पहल
इनसे सामाजिक सशक्तिकरण के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण मानव-पूंजी का निर्माण होगा।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केंद्र में रखते हुए, केंद्रीय बजट 2026-27 प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की ठोस आधारशिला रखता है।
मध्यप्रदेश के लिए यह बजट केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो राज्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
