केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री Jagat Prakash Nadda ने किया उद्घाटन
Union Minister of Health and Family Welfare and Chemicals and Fertilizers Jagat Prakash Nadda inaugurated it.
Tue, 24 Feb 2026
दिल्ली-एनसीआर, 24 फ़रवरी 2026:
Yashoda Medicity ने रोगी-केंद्रित और तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करते हुए एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की। यह पहल Yashoda Foundations के अंतर्गत एक सीएसआर (कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य तकनीक और विशेषज्ञ निगरानी के माध्यम से गंभीर मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाना है।
इस कमांड सेंटर का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ नेतृत्व और चिकित्सकों की उपस्थिति में किया। इस पहल के तहत यशोदा मेडिसिटी के बेस कमांड सेंटर को MMG District Hospital के आईसीयू से जोड़ा गया है।
यहां आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से मरीजों से जुड़े डेटा का रियल-टाइम विश्लेषण किया जाता है। यदि मरीज की स्थिति बिगड़ने की संभावना होती है, तो सिस्टम पहले से चेतावनी देता है।
इससे दूर बैठकर विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निगरानी, बेहतर समन्वय और तय चिकित्सा प्रक्रियाओं के अनुसार इलाज संभव हो पाता है।
अस्पताल की सूचना प्रणालियों और बेडसाइड मॉनिटरिंग उपकरणों से जुड़कर यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू प्लेटफ़ॉर्म मरीजों के बड़े डेटा को एक ही डैशबोर्ड पर प्रदर्शित करता है। इसमें मौजूद विशेष एआई इंजन मरीजों के जोखिम का आकलन करता है और ज़रूरत पड़ने पर तुरंत अलर्ट भेजता है। इससे डॉक्टरों को त्वरित और सटीक निर्णय लेने में मदद मिलती है, संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और इलाज की लागत कम करने में भी सहायता मिलती है।
यशोदा मेडिसिटी की एक समर्पित और विशेषज्ञ क्रिटिकल केयर टीम इस कमांड सेंटर से 24x7 निगरानी करती है और आवश्यकता अनुसार समय पर मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वैश्विक मानकों के अनुरूप इलाज सुनिश्चित होता है।
यह पहल न केवल गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज के परिणामों में सुधार लाने में सहायक है, बल्कि आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के मरीजों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली आईसीयू सेवाओं को अधिक सुलभ और किफ़ायती बनाने में भी मदद करती है।
मरीजों की निगरानी के साथ-साथ यह प्रणाली ज़मीनी स्तर पर कार्यरत मेडिकल टीमों के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन का माध्यम भी है। तय चिकित्सा प्रक्रियाओं और एआई से प्राप्त जानकारी के ज़रिये विभिन्न आईसीयू में इलाज की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित की जाती है।
यह एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर यशोदा मेडिसिटी की दीर्घकालिक सीएसआर सोच का हिस्सा है, जिसके तहत एक जुड़े हुए क्रिटिकल केयर नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है। भविष्य में इस मॉडल को अन्य ज़िला अस्पतालों तक भी विस्तार देने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक विशेषज्ञ उपचार पहुंचाया जा सके।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री Jagat Prakash Nadda ने कहा कि एआई-सक्षम ई-आईसीयू जैसी पहल यह दर्शाती है कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को किस प्रकार मज़बूत किया जा सकता है। यह सीएसआर पहल गंभीर मरीजों के लिए निरंतर विशेषज्ञ निगरानी उपलब्ध कराएगी और अन्य संस्थानों को भी समाज के लिए योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी।
डॉ. पी. एन. अरोड़ा, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, ने कहा कि हर मरीज को विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है। एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर के माध्यम से आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ देखरेख को अस्पताल की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाया जा रहा है।
श्री शुभांग अरोड़ा, एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने कहा कि यह पहल तकनीक के ज़रिये व्यापक स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की सोच को साकार करती है।
यशोदा मेडिसिटी के बारे में
Yashoda Medicity दिल्ली-एनसीआर में स्थित एक अत्याधुनिक क्वाटरनरी केयर अस्पताल है, जो यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की तीन दशकों की विरासत पर आधारित है। 8+ एकड़ में फैले परिसर में कुल 1,200 बेड की क्षमता है, जिनमें से पहले चरण में 635 बेड संचालित हैं। यहां 65 से अधिक विशेषज्ञताएं और 12 से अधिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उपलब्ध हैं। यह अस्पताल आधुनिक तकनीक, हरित एवं डिजिटल डिज़ाइन तथा रोगी-केंद्रित देखभाल के साथ भारत और अंतरराष्ट्रीय मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है।
