मेदांता लखनऊ में नी रिप्लेसमेंट मरीजों का अनोखा रैंप वॉक, बढ़े आत्मविश्वास के साथ रखी नई शुरुआत

Unique ramp walk by knee replacement patients at Medanta Lucknow; a new beginning marked by boosted confidence.
 
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लखनऊ, 4 जुलाई 2026: घुटनों के गंभीर दर्द से पूरी तरह निजात पा चुके मरीजों ने जब पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर वॉक किया, तो वहां मौजूद हर शख्स का चेहरा मुस्कान और तालियों से गूंज उठा। मौका था मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ में आयोजित एक विशेष और अनोखे कार्यक्रम का। इस अनूठे आयोजन में उन मरीजों ने हिस्सा लिया, जिनकी जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी सफल हो चुकी है, साथ ही वे लोग भी इसका हिस्सा बने जो आने वाले समय में यह सर्जरी कराने वाले हैं।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में घुटना बदलने की सर्जरी को लेकर फैले डर को दूर करना और मरीजों में एक नया भरोसा जगाना था।

रैंप वॉक, गेम्स और संवाद: हौसलों को मिली नई उड़ान

कार्यक्रम की शुरुआत एक बेहद दिलचस्प रैंप वॉक से हुई, जिसमें सफल सर्जरी करा चुके सीनियर सिटीजन्स और अन्य मरीजों ने बिना किसी सहारे के आत्मविश्वास से कदम बढ़ाए।

  • सवाल-जवाब का खास सत्र: रैंप वॉक के बाद डॉक्टरों और विशेषज्ञों के साथ एक इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया। इसमें मरीजों और उनके परिजनों ने घुटनों के ऑपरेशन, रिकवरी के समय, फिजियोथेरेपी के महत्व और सर्जरी के बाद की दिनचर्या से जुड़े अपने संशयों को दूर किया।

  • मजेदार गतिविधियाँ: कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बनाने के लिए कुछ इनडोर गेम्स भी रखे गए, जिनमें मरीजों ने बड़े उत्साह से भाग लिया और एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा किए।

मरीजों की जुबानी: दर्द से सक्रिय जीवन तक का सफर

सफल सर्जरी करा चुके मरीजों ने भावुक और प्रेरित करने वाले अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन से पहले घुटनों के असहनीय दर्द के कारण उनका चलना-फिरना, सीढ़ियां चढ़ना और दैनिक कार्य करना भी दूभर हो गया था। लेकिन मेदांता के डॉक्टरों की देखरेख, सही सर्जरी और नियमित फिजियोथेरेपी की बदौलत वे अब पूरी तरह सामान्य और एक्टिव लाइफ जी रहे हैं। उन्होंने अन्य मरीजों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि सही समय पर लिया गया फैसला जिंदगी की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल देता है।

विशेषज्ञ की राय: आधुनिक तकनीक से बेहद सुरक्षित हुआ नी रिप्लेसमेंट

"आज भी हमारे समाज में बहुत से लोग घुटने के ऑपरेशन के नाम से डरते हैं और सालों-साल दर्द सहते रहते हैं। लेकिन अब समय बदल चुका है। आधुनिक मेडिकल साइंस और एडवांस सर्जिकल तकनीकों की मदद से नी रिप्लेसमेंट सर्जरी पहले के मुकाबले कहीं अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी हो चुकी है। यदि मरीज सही समय पर परामर्श लें और सर्जरी के बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी पर ध्यान दें, तो वे बहुत जल्द अपनी पुरानी और सक्रिय जीवनशैली में वापस लौट सकते हैं।" — डॉ. सौरव शुक्ला, डायरेक्टर (ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट), मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ

मेदांता लखनऊ का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सही चिकित्सा और मजबूत इच्छाशक्ति से घुटनों का दर्द अब आपके बढ़ते कदमों को नहीं रोक सकता। यह इवेंट न केवल सफल सर्जरी का जश्न था, बल्कि उन सैकड़ों लोगों के लिए एक नई उम्मीद की किरण भी था जो जोड़ो के दर्द से जूझ रहे हैं।

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