इंजीनियर्स डे पर शाहजहांपुर में सर एम. विश्वेश्वरैया की प्रतिमा के शिलालेख का अनावरण
शाहजहांपुर, 15 सितंबर 2026। भारत रत्न एवं महान अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया, जिन्हें स्नेहपूर्वक सर एम.वी. के नाम से भी जाना जाता है, की प्रतिमा के शिलालेख का अनावरण मंगलवार को इंजीनियर्स डे के अवसर पर किया गया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों एवं अभियंताओं ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर देश के महान इंजीनियर को श्रद्धांजलि दी।
लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड-1 परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अधिशासी अभियंता इंजीनियर रथिन सिन्हा ने सर एम. विश्वेश्वरैया के जीवन, व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया भारतीय इंजीनियरिंग जगत के प्रेरणास्रोत रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सर एम. विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था और उनका निधन 14 अप्रैल 1962 को हुआ। देश के विकास और इंजीनियरिंग क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ष 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था।
सिंचाई से लेकर बांध और औद्योगिक विकास तक रहा अहम योगदान
इंजीनियर रथिन सिन्हा ने बताया कि सर एम. विश्वेश्वरैया ने देश के जल संसाधन, सिंचाई और बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए। वर्ष 1901 में सिंचाई की ब्लॉक प्रणाली शुरू करने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
वे वर्ष 1909 में मैसूर राज्य के मुख्य अभियंता बने और बाद में वहां के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान में कृष्णराज सागर बांध, विभिन्न रेल परियोजनाएं, शरावती जलविद्युत परियोजना की परिकल्पना तथा अन्य महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य शामिल रहे।
उनकी प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण में योगदान को देखते हुए उनका जन्मदिन हर वर्ष 15 सितंबर को राष्ट्रीय इंजीनियर्स डे के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के इंजीनियरों के लिए सर एम. विश्वेश्वरैया के योगदान को स्मरण करने और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर है।

अभियंताओं ने पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता इंजीनियर रथिन सिन्हा, प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता इंजीनियर महेंद्र पाल, वरिष्ठ खंडीय लेखाधिकारी सुशील कुमार सक्सेना, सहायक अभियंता इंजीनियर महेंद्र नाथ तथा इंजीनियर आर्यन पांडेय सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में इंजीनियर अहमद मुबीन, इंजीनियर कुलदीप कुमार, इंजीनियर राम औतार, इंजीनियर विपिन यादव, इंजीनियर जगदीश शर्मा, प्रशासनिक अधिकारी कृष्ण कुमार, वरिष्ठ सहायक फिरोज अली, चंकी पांडेय और कुलदीप वर्मा सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सर एम. विश्वेश्वरैया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सर एम. विश्वेश्वरैया का जीवन तकनीकी उत्कृष्टता, अनुशासन, नवाचार और राष्ट्रसेवा का प्रतीक है। उनकी सोच और कार्य आज भी देश के इंजीनियरों तथा युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
