UP Anti-Child Labour: साल 2027 तक बाल श्रम से पूरी तरह मुक्त होगा उत्तर प्रदेश; इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने किया बड़ा ऐलान

UP Anti-Child Labour: Uttar Pradesh to be completely free of child labour by 2027; Labour Minister Anil Rajbhar makes a major announcement at Indira Gandhi Pratishthan.
 
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प्रादेशिक डेस्क, लखनऊ (12 जून 2026):  अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस (World Day Against Child Labour) के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विभूति खंड स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) में एक वृहद और महत्वपूर्ण जागरूकता परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर उपस्थित रहे। उनके साथ ही शासन के विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस परिचर्चा में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को बाल श्रम की सामाजिक बुराई से पूरी तरह निजात दिलाने के लिए एक अत्यंत महत्वाकांक्षी समय-सीमा (Target) की घोषणा की है।

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सभ्य समाज और विकसित देश के लिए कलंक है बाल श्रम — अनिल राजभर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बाल श्रम के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा:बाल श्रम किसी भी सभ्य समाज के लिए एक बड़ा कलंक है। जो बच्चे कल के भारत का भविष्य हैं, उनके हाथों में किताबों की जगह काम का बोझ थमा देना देश के विकास को पीछे धकेलने जैसा है। एक विकसित देश के निर्माण के संकल्प में बाल श्रम एक अभिशाप के समान है और इसे जड़ से खत्म करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"

उन्होंने आगे एलान किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक पूरे उत्तर प्रदेश को बाल श्रम से शत-प्रतिशत मुक्त (Child Labour Free UP) करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए सभी विभागों को मिलकर मिशन मोड पर काम करना होगा।

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16 जनपदों के 1000 से अधिक दिग्गजों ने किया मंथन

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित इस संगोष्ठी और परिचर्चा में उत्तर प्रदेश के 16 विभिन्न जनपदों से आए लगभग 1000 से अधिक हितधारकों (Stakeholders) और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

आपदा प्रबंधन और बाल संरक्षण की इस समेकित कार्यप्रणाली में कई प्रमुख विभागों ने एक मंच पर आकर रणनीति साझा की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

  • महिला कल्याण विभाग एवं बाल विकास सेवा व पुष्टाहार विभाग

  • श्रम विभाग और उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग

  • चाइल्ड हेल्पलाइन (Child Helpline) एवं बाल कल्याण समिति (CWC)

  • बेसिक शिक्षा विभाग और ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व करने वाले ग्राम प्रधान।

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सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम प्रधान और बच्चे हुए सम्मानित

इस जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जमीनी स्तर पर बाल श्रम निषेध और बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रति उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य करने वाले विभिन्न ग्राम प्रधानों को मंच पर सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पढ़ रहे अटल आवासीय विद्यालय (Atal Residential School) के बच्चों ने भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत की। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि अनिल राजभर द्वारा इन प्रतिभावान बच्चों को शिक्षा और खेल के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया गया।

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