UP Board Evaluation 2026: लखनऊ मंडल में मूल्यांकन ने पकड़ी रफ्तार, लखीमपुर खीरी के केंद्र ने एक दिन में जांचीं सर्वाधिक 19,416 कॉपियां
मण्डलीय कंट्रोल रूम से हो रही है सटीक मॉनिटरिंग
संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ मंडल, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए मंडल स्तर पर एक विशेष 'मण्डलीय कंट्रोल रूम' स्थापित किया गया है। मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार को इस कंट्रोल रूम का नोडल बनाया गया है। डॉ. कुमार अपनी टीम के साथ सभी 6 जिलों के जनपदीय कंट्रोल रूम के संपर्क में हैं और दैनिक प्रगति की निगरानी कर रहे हैं।
मंडल की अब तक की प्रगति (एक नजर में)
डॉ. दिनेश कुमार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ मंडल में अब तक कुल प्राप्त 23,26,579 उत्तर पुस्तिकाओं में से 8,14,604 का मूल्यांकन पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार, मंडल में लगभग 35% कार्य संपन्न हो गया है।
प्रमुख जनपदों की स्थिति (आज तक):
| जनपद | कुल प्राप्त कॉपियां (HS + Inter) | मूल्यांकित कॉपियां (HS + Inter) | अवशेष कॉपियां |
| लखनऊ | 5,65,803 | 1,90,900 | 3,74,903 |
| उन्नाव | 3,63,143 | 82,769 | 2,55,969 |
| रायबरेली | 3,45,836 | 1,29,997 | 2,15,839 |
| हरदोई | 3,70,135 | 1,54,327 | 2,15,808 |
| सीतापुर | 3,28,703 | 1,20,526 | 2,10,177 |
| लखीमपुर खीरी | 3,52,959 | 1,36,084 | 2,16,875 |
इन केंद्रों ने रचा कीर्तिमान (डेली टॉप परफॉर्मर्स)
विभिन्न जिलों के मूल्यांकन केंद्रों ने आज शानदार प्रदर्शन किया है:
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लखीमपुर खीरी: राजकीय इंटर कॉलेज ने सर्वाधिक 19,416 कॉपियां जांचीं।
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हरदोई: श्री वेणी माधव बालिका विद्यापीठ इंटर कॉलेज में 19,317 कॉपियां मूल्यांकित हुईं।
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लखनऊ: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शाहमीना रोड ने 14,416 कॉपियों के साथ जिले में टॉप किया।
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रायबरेली: महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में 13,856 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ।
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उन्नाव: डॉ. जी नाथ जी दयाल बालिका इंटर कॉलेज में 10,051 कॉपियां जांची गईं।
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सीतापुर: म्यूनिसिपल इंटर कॉलेज में 9,570 कॉपियां पूर्ण हुईं।
शुचिता और पारदर्शिता पर जोर
संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि ईदुल फित्र (21 मार्च) के अवकाश के बाद आज पुनः कार्य पूर्ण क्षमता के साथ शुरू हुआ। मूल्यांकन प्रक्रिया में एस.ओ.पी. (SOP) का कड़ाई से पालन किया जा रहा है ताकि परिणाम निष्पक्ष और त्रुटिहीन हों। मण्डलीय कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी छात्र-छात्राओं का भविष्य समय पर और सही मूल्यांकन के साथ तय हो सके। लखनऊ मंडल जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उससे उम्मीद है कि मूल्यांकन कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। डॉ. दिनेश कुमार और उनकी टीम निरंतर डेटा विश्लेषण के जरिए प्रक्रिया को सुगम बना रहे हैं।
