यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों को 15 नवंबर तक शिक्षकों और कर्मचारियों का डेटा अपलोड करने के निर्देश

UP Board secondary schools instructed to upload data of teachers and staff by November 15
 
यूपी बोर्ड के माध्यमिक विद्यालयों को 15 नवंबर तक शिक्षकों और कर्मचारियों का डेटा अपलोड करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं की तैयारियों के तहत लखनऊ मंडल के यूपी बोर्ड से संबद्ध सभी माध्यमिक विद्यालयों को शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण परिषद के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 15 नवंबर 2026 तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है। परिषद की वेबसाइट डेटा अपलोड करने के लिए निर्धारित तिथि तक क्रियाशील रहेगी।

सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज भगवती सिंह की ओर से जारी निर्देशों के संबंध में संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल कार्यालय के मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में प्रयोगात्मक परीक्षा और मूल्यांकन कार्य के लिए परीक्षकों की नियुक्ति, कक्ष निरीक्षण तथा अन्य परीक्षा संबंधी दायित्वों के निर्वहन के उद्देश्य से शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कंप्यूटरीकृत पहचान पत्र तैयार किए जाने हैं। इसी क्रम में सभी विद्यालयों से संबंधित कार्मिकों का विवरण पोर्टल पर अपलोड कराने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।

डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि डेटा अपलोड करते समय प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाचार्य को निर्धारित बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना होगा। शिक्षकों के नाम, पदनाम, जन्मतिथि, नियुक्ति तिथि और अध्यापन विषय का विवरण पूरी तरह त्रुटिरहित होना चाहिए। शिक्षकों की नियुक्ति जिस कक्षा यानी हाईस्कूल अथवा इंटरमीडिएट के लिए हुई है, उनके अध्यापन विषय का कोड भी उसी कक्षा के लिए निर्धारित विषय कोड के अनुरूप होना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि ऐसे शिक्षक एवं कर्मचारी, जो विद्यालय छोड़ चुके हैं अथवा जिनका निधन हो चुका है, उनके नाम पोर्टल से अनिवार्य रूप से हटाए जाएं। वहीं, विद्यालय में नवनियुक्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का विवरण भी पोर्टल पर अपलोड कराया जाए।

सभी शिक्षकों के अन्य विवरणों के साथ स्नातक एवं परास्नातक स्तर के विषयों का स्पष्ट उल्लेख करना और संबंधित शैक्षिक प्रमाणपत्र पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में एक शिक्षक का विवरण दो अलग-अलग विद्यालयों में अपलोड नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा विभिन्न कारणों से डिबार घोषित किए गए शिक्षक अथवा प्रधानाचार्य को पोर्टल पर डिबार श्रेणी में ही दर्शाया जाना होगा।

संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने इन निर्देशों के अनुपालन में लखनऊ मंडल के सभी जनपदों के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इनमें राजधानी लखनऊ के साथ सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और उन्नाव शामिल हैं।सभी संबंधित विद्यालयों को 15 नवंबर 2026 तक शत-प्रतिशत त्रुटिरहित डेटा अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आगामी बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े विभिन्न दायित्वों के लिए कार्मिकों की नियुक्ति एवं पहचान संबंधी प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके।

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