वोट चोरी के विरोध में यूपी कांग्रेस का काला दिवस, लखनऊ में आराधना मिश्रा मोना समेत कई नेता गिरफ्तार
लखनऊ अक्टूबर 2026। कथित वोट चोरी के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग को लेकर कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में काला दिवस मनाया। कांग्रेस का आरोप है कि जंतर-मंतर की ओर शांतिपूर्वक बढ़ रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया तथा लाठीचार्ज किया। इसी के विरोध में प्रदेशभर में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए गए।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवनियुक्त अध्यक्ष एवं विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से जीपीओ स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा तक शांति मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगा रहे थे।
बैरिकेडिंग पर रोका गया मार्च, कांग्रेसजनों ने दिया धरना
शांति मार्च माल एवेन्यू चौराहे से आगे बढ़ा तो लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। आगे बढ़ने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर बैठ गईं।
कांग्रेस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बाद में पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सहित कई कांग्रेसजनों को हिरासत में ले लिया और बस से इको गार्डेन ले जाया गया। पार्टी का आरोप है कि रास्ते में पुलिस की दो बसें खराब हो गईं, जिससे नेताओं और कार्यकर्ताओं को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्हें दूसरी बस से पुलिस लाइन ले जाया गया।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस लाइन में हिरासत में रखे गए लोगों के लिए बिजली और पंखों की समुचित व्यवस्था नहीं थी। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। पार्टी के मुताबिक, धक्का-मुक्की के दौरान कुछ महिला कार्यकर्ताओं और प्रदेश अध्यक्ष को चोटें भी आईं।
‘ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में है तथा राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित विपक्षी नेताओं को पुलिस कार्रवाई और मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के कांग्रेसजन पूरी ताकत के साथ जिले-जिले में संघर्ष कर रहे हैं और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
‘अहिंसक विरोध से भी डर रही भाजपा सरकार’
आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलन का उल्लेख करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अनुमति नहीं दी जाती, तो लोकतांत्रिक प्रतिरोध का रास्ता क्या बचेगा? उन्होंने भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शन
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश और प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर लखनऊ के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों, शहरों और ब्लॉक स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। जिला एवं शहर कांग्रेस इकाइयों ने निर्वाचन आयोग से जवाबदेही की मांग करते हुए प्रदर्शन किए।
लखनऊ के शांति मार्च में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, पूर्व विधायक इंदल रावत, शिव पांडेय, डॉ. प्रमोद पांडेय, जिलाध्यक्ष रुद्र दमन सिंह बबलू, शहर अध्यक्ष उत्तरी अमित श्रीवास्तव त्यागी, शहर अध्यक्ष दक्षिणी डॉ. शहजाद आलम सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।
इसके अलावा डॉ. विनोद चंद्रा, डॉ. अमित राय, अली आसिफ जमा रिजवी, मनोज यादव, ममता चौधरी, कृपाशंकर मिश्रा, एच.एल. दुसाध, विजय बहादुर, रमेश मिश्रा, विशाल राजपूत, सचिन रावत, सिद्धिश्री, पुनीत पाठक, दिनेश सिंह, डॉ. आर.पी. त्रिपाठी, द्विजेंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र मदान, ओंकारनाथ सिंह, प्रमोद सिंह, सिद्धार्थप्रिय श्रीवास्तव, संजय शर्मा, सुभाष मिश्र, संजय दीक्षित, अनस रहमान, मुकेश सिंह चौहान, जयकरन वर्मा, श्रवण गुप्ता, ब्रजेश सिंह, मारूफ खान और लालती देवी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस का कहना है कि निर्वाचन आयोग की जवाबदेही और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।



