‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ के खिलाफ यूपी कांग्रेस ने खोली जंग; JPC बैठक में अजय राय ने सौंपी 51 पन्नों की रिपोर्ट, बताया बड़ा खतरा
UP Congress on One Nation One Election: देश में 'एक देश, एक चुनाव' (One Nation-One Election) के प्रस्ताव को लागू करने की केंद्र सरकार की कवायद के बीच, उत्तर प्रदेश में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मंगलवार को संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के साथ लखनऊ के होटल ताज में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अजय राय के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के प्रस्ताव पर कांग्रेस पार्टी का रुख बेहद कड़े और तार्किक शब्दों में समिति के सामने रखा। इस मौके पर कांग्रेस ने अपनी आपत्तियों और तर्कों से युक्त 51 पन्नों का एक विस्तृत दस्तावेज (रिपोर्ट) समिति को सौंपा।
🏛️ 'संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ भाजपा की बड़ी साजिश'
बैठक से बाहर निकलने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:भारतीय जनता पार्टी 'एक देश, एक चुनाव' के बहाने देश के संविधान, लोकतंत्र और संघीय ढांचे को पंगु बनाने की एक गहरी साजिश रच रही है। कांग्रेस पार्टी देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध है और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के खिलाफ होने वाली किसी भी राजनीतिक साजिश को देश के जागरूक नागरिकों के सहयोग से नाकाम करेगी।"
📊 51 पन्नों की रिपोर्ट में कांग्रेस ने उठाए ये 4 बड़े कानूनी सवाल
संयुक्त संसदीय समिति को सौंपे गए 51 पन्नों के आधिकारिक मतपत्र में उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' को लेकर कई गंभीर कानूनी, प्रशासनिक और व्यावहारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं:
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प्रेसिडेन्शियल (अध्यक्षीय) राजनीति का खतरा: कांग्रेस का मानना है कि इस व्यवस्था से देश के लोकतांत्रिक अधिकारों और विधायी नियंत्रण का पूरी तरह से 'केंद्रीकरण' (Centralization) हो जाएगा। इससे देश में राज्यों का महत्व खत्म होगा और अमेरिका जैसी प्रेसिडेन्शियल (अध्यक्षीय) राजनीतिक व्यवस्था को बढ़ावा मिलने का गंभीर खतरा पैदा होगा।
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संविधान की मूल भावना के प्रतिकूल: विज्ञप्ति के अनुसार, चुनावी खर्च में कमी लाने या प्रशासनिक सुविधाओं का हवाला देकर संविधान में संशोधन करना पूरी तरह से अनुचित है। यह भारतीय संविधान द्वारा राज्यों को दी गई 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) की मूल भावना के प्रतिकूल है।
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विविधता की अनदेखी: भारत एक विशाल और बहुभाषी देश है, जहां हर राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिस्थितियां पूरी तरह भिन्न हैं। ऐसे में पूरे देश पर जबरन एक ही कानून थोपना व्यावहारिक नहीं है।
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संवैधानिक संकट की आशंका: यदि किसी राज्य में समय से पहले सरकार गिर जाती है या राष्ट्रपति शासन लगता है, तो ऐसी असामान्य परिस्थितियों में एक साथ चुनाव कराने की जिद देश के सामने एक बड़ा संवैधानिक संकट उत्पन्न कर सकती है।
👥 कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में ये दिग्गज रहे शामिल
लखनऊ में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखने के लिए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ पार्टी के कई वरिष्ठ और अनुभवी नेता मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
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पी.एल. पुनिया (पूर्व सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता)
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मुईद अहमद (पूर्व मंत्री)
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संजय शर्मा (वरिष्ठ नेता)
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अनस खान (वरिष्ठ अधिवक्ता/एडवोकेट)
जेपीसी की बैठक में 51 पन्नों की मजबूत दलीलें सौंपकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि वह आगामी समय में 'एक देश, एक चुनाव' के मुद्दे पर बैकफुट पर जाने वाली नहीं है और इस प्रस्ताव के खिलाफ वैधानिक और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगी।

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