UP Education Commission: परीक्षा प्रणाली होगी फुलप्रूफ! यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग में AI, बायोमेट्रिक और GPS ट्रैकिंग पर रहेगा विशेष जोर
UP Education Services Selection Commission Independence Day 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (प्रयागराज) में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस अत्यंत गरिमा, सादगी और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत के गायन से हुआ, जिसके उपरांत आयोग के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) डॉ. प्रशांत कुमार ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने भर्ती परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर आयोग का विजन और तकनीकी खाका स्पष्ट किया।
इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था केवल अभ्यर्थियों के चयन तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह सुशासन और जनविश्वास से सीधे जुड़ी जिम्मेदारी है। प्रत्येक अभ्यर्थी को उसकी योग्यता, प्रतिभा और मेहनत के आधार पर समान अवसर उपलब्ध कराना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता केवल प्रश्नपत्र की सुरक्षा तक सीमित नहीं हो सकती। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसके मुद्रण, परिवहन, सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, अभ्यर्थियों के सत्यापन, निगरानी और परिणाम तैयार करने तक पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाना आवश्यक है।
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी परीक्षा व्यवस्था
अध्यक्ष ने बताया कि आयोग परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, CCTV निगरानी, GPS आधारित परिवहन व्यवस्था, बारकोड ट्रैकिंग और एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर विशेष जोर दे रहा है।
उन्होंने कहा कि तकनीक तभी प्रभावी साबित होगी, जब उसके साथ ईमानदार क्रियान्वयन, स्पष्ट जिम्मेदारी और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति भी हो। आयोग का लक्ष्य केवल तकनीक आधारित परीक्षा व्यवस्था तैयार करना नहीं, बल्कि तकनीक-सक्षम और जवाबदेही पर आधारित ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जिसमें प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो।
अभ्यर्थियों का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग की प्रत्येक कार्यवाही के केंद्र में अभ्यर्थियों का विश्वास और उनकी योग्यता का सम्मान रहेगा। भर्ती एवं चयन प्रक्रियाओं में निष्पक्षता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करते हुए ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिस पर आने वाली पीढ़ियां भी भरोसा कर सकें।कार्यक्रम में आयोग के सदस्यगण, सचिव, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
