UP Education News: राजकीय शिक्षकों के तबादलों में बरती जाएगी पूरी पारदर्शिता; प्रोजेक्ट अलंकार को लेकर अपर मुख्य सचिव सख्त
लखनऊ, 10 जून 2026:
उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने और प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार (9 जून) को एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों (JDs) और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOSs) के साथ विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा की। इस बैठक के दौरान उन्होंने राजकीय अध्यापकों के स्थानांतरण (तबादलों) की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, 'प्रोजेक्ट अलंकार' को गति देने और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विकास को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
शिक्षकों के स्थानांतरण में समयबद्धता और निष्पक्षता के निर्देश
बैठक में राजकीय शिक्षकों के तबादले की फाइलों और आवेदनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपर मुख्य सचिव ने साफ किया कि स्थानांतरण प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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पारदर्शी प्रक्रिया: उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और समयबद्धता के साथ संपन्न कराया जाए।
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नीतियों का अक्षरशः पालन: शासन द्वारा तय किए गए मानकों और नीतियों का कड़ाई से पालन किया जाए।
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समयसीमा में निस्तारण: पात्र शिक्षकों के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रोजेक्ट अलंकार: आधुनिक और तकनीक-संपन्न बनेंगे सरकारी स्कूल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल 'प्रोजेक्ट अलंकार' की समीक्षा करते हुए पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कार्यों में तेजी लाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है।
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अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विद्यालयों में विकसित की जा रही स्मार्ट कक्षाओं (Smart Classes), विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों और विद्युत सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को समय पर पूरा किया जाए।
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इस योजना का मूल उद्देश्य प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को आधुनिक एवं तकनीक-संपन्न शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करना है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को भी बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।
समग्र शिक्षा अभियान और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर
अपर मुख्य सचिव ने समग्र शिक्षा अभियान के तहत निर्माणाधीन परियोजनाओं, स्पिल-ओवर कार्यों की प्रगति और लंबित भुगतानों की भी समीक्षा की। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि स्वीकृत बजट का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बुनियादी सुविधाओं का विकास ही शिक्षा के स्तर को सुधारने का पहला और महत्वपूर्ण आधार है।
इसके साथ ही, नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए जिला स्तर पर निरंतर निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।
लापरवाही मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी, शिकायतों का होगा त्वरित समाधान
बैठक के अंत में अपर मुख्य सचिव ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को नियमित रूप से स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के आदेश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर सीधे तौर पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही (उत्तरदायित्व) तय की जाएगी।
साथ ही, जनपद स्तर पर आम जनता और शिक्षकों से प्राप्त होने वाली शिकायतों व लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और आधुनिक शिक्षा व्यवस्था पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
