UP Education News: निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई रफ्तार, यूपी के सभी 75 जिलों के जिला समन्वयकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता" - मंत्री संदीप सिंह
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरकार परिषदीय विद्यालयों की नींव मजबूत करने में जुटी है। उन्होंने बताया कि निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy - FLN) को विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला समन्वयकों को प्रशिक्षित करने से स्कूलों की मॉनिटरिंग मजबूत होगी, शिक्षकों को सही शैक्षणिक सहयोग मिलेगा और अंततः छात्रों के सीखने के स्तर में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।"
मंत्री संदीप सिंह ने आगे कहा कि योगी सरकार ने पहले ही ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग और ई-कंटेंट जैसे नवाचारों से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली है। अब इस प्रशिक्षण के जरिए इन सभी डिजिटल और शैक्षणिक पहलों को और अधिक प्रभावी ढंग से हर बच्चे तक पहुँचाया जाएगा।
क्या है इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य?
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर शिक्षा विभाग की गतिविधियों के क्रियान्वयन, अनुश्रवण (Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली को अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनाना है। इस सत्र के दौरान जिला समन्वयकों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा:
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डेटा पर आधारित योजनाएं बनाना और सही निर्णय लेना।
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स्कूलों की प्रभावी समीक्षा और शिक्षक सहयोग तंत्र (Teacher Support System) को मजबूत करना।
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क्लासरूम में बच्चों के सीखने के परिणामों (Learning Outcomes) को बेहतर करने की रणनीतियां।
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गतिविधि आधारित शिक्षण (Activity-Based Learning) को बढ़ावा देना।
दो चरणों में आयोजित होगा प्रशिक्षण (Batch-Wise Schedule)
सभी 75 जिलों के समन्वयकों की बेहतर ट्रेनिंग के लिए इस कार्यक्रम को मंडलों के आधार पर दो अलग-अलग बैच में विभाजित किया गया है:
| बैच | तारीख | शामिल होने वाले मंडल (Divisions) |
| प्रथम बैच | 1 जून 2026 | आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट। |
| द्वितीय बैच | 2 जून 2026 | झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी। |
