UP Education Reform: यूपी में साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों का नया अध्याय, लखनऊ में जुटेगी नीति-निर्माताओं की टीम
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश सरकार अब प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार अब सिर्फ योजनाओं को लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि 'डेटा और साक्ष्यों' (Evidence-based policy) के आधार पर नई नीतियां बनाने और क्लासरूम टीचिंग को सीधे बेहतर करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
इसी कड़ी में आज यानी 30 जून 2026 को बेसिक शिक्षा विभाग और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन (LLF) के साझा सहयोग से एक दिवसीय राज्य स्तरीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।
क्या है इस बार का खास विषय और मुख्य एजेंडा?
इस राज्य स्तरीय सेमिनार का मुख्य विषय 'नीति से व्यवहार तक संवाद' तय किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि जो नीतियां कागजों पर बनती हैं, उन्हें सीधे क्लासरूम के भीतर बच्चों के व्यवहार और सीखने की आदतों में कैसे उतारा जाए, इस पर मंथन होगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा करेंगे। सेमिनार में शिक्षा क्षेत्र के नीति-निर्माता, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एसआरजी (SRG), एआरपी (ARP), बीईओ (BEO), शिक्षक और शिक्षा जगत के विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
'TLPS उत्तर प्रदेश राज्य रिपोर्ट-2025' का होगा विमोचन
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण 'टीचिंग एंड लर्निंग प्रैक्टिसेज सर्वे रिपोर्ट-2025' (TLPS) का विमोचन होना है। फाउंडेशन (LLF) द्वारा उत्तर प्रदेश के स्कूलों में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) को लेकर एक व्यापक राज्यव्यापी सर्वे किया गया था। इस रिपोर्ट में सामने आए निष्कर्षों, जमीनी हकीकत और सुझावों को सबके सामने रखा जाएगा, ताकि भविष्य के सरकारी स्कूलों की दिशा तय की जा सके।
इन 4 प्रमुख बिंदुओं पर बनेगी साझा कार्ययोजना:
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कैच-अप रणनीतियां: कोरोना काल या अन्य वजहों से बच्चों की पढ़ाई में जो अंतर (Learning Gap) आया है, उसे तेजी से कैसे भरा जाए।
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परख आधारित सुधार: राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र 'परख' के निष्कर्षों के आधार पर राज्य की शैक्षणिक नीतियों को अपग्रेड करना।
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10 प्रभावी शिक्षण अभ्यास: कक्षा में पढ़ाने के उन 10 बेहतरीन तरीकों पर चर्चा, जिनसे बच्चे सबसे तेजी से सीखते हैं।
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निपुण उत्तर प्रदेश 2.0: 'निपुण भारत मिशन' के अगले चरण को राज्य में और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का रोडमैप।
जमीनी स्तर के 'हीरोज' को मिलेगा मंच
इस सेमिनार की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ अफसर ही नहीं, बल्कि जमीन पर बदलाव लाने वाले शिक्षक भी शामिल होंगे। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार पा चुके शिक्षक अपने इनोवेटिव आइडियाज और पढ़ाने के नए तरीके साझा करेंगे। इसके साथ ही, अलग-अलग ब्लॉक और जिलों के शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं की 'सक्सेस स्टोरीज' (सफलता की कहानियां) भी सुनी जाएंगी, ताकि उन्हें पूरे प्रदेश के स्कूलों में लागू किया जा सके।उत्तर प्रदेश में पहले से ही निपुण भारत मिशन, डिजिटल लर्निंग और एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग पर काम चल रहा है। ऐसे में जमीनी अनुभवों और वैज्ञानिक साक्ष्यों (Evidence) का यह मेल यूपी की शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणामोन्मुखी, आधुनिक और बाल-केंद्रित (Child-centric) बनाने में गेम-चेंजर साबित होगा।
