UP Election 2027: "अनाप-शनाप बयानबाजी से BJP को फायदा न पहुँचाएं कांग्रेसी नेता"; इमरान मसूद के '170 सीट' वाले बयान पर भड़के सपा नेता अरविंद सिंह गोप
उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनावों की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सूबे की राजनीतिक सरगर्मी और बयानबाजियों का दौर तेज हो गया है। एक तरफ जहां इंडिया गठबंधन पूरी ताकत के साथ उत्तर प्रदेश फतह करने का दम भर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सीटों के बंटवारे को लेकर गठबंधन के भीतर ही जुबानी जंग छिड़ गई है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद द्वारा सीटों को लेकर दिए गए एक विवादित बयान पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा है कि वे सोच-समझकर बोलें और ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयानों से इंडिया गठबंधन को कमजोर कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सीधा फायदा पहुँचाने का काम न करें।
"इमरान मसूद नहीं, अखिलेश और राहुल तय करेंगे गठबंधन का भविष्य"
बाराबंकी में मीडिया से रूबरू होते हुए सपा के वरिष्ठ नेता अरविंद सिंह गोप ने दोटूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद इंडिया गठबंधन के नीतिगत फैसले लेने के लिए अधिकृत नहीं हैं। उत्तर प्रदेश में गठबंधन का स्वरूप क्या होगा और सीटों का गणित कैसे तय होगा, इसका अंतिम फैसला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी मिलकर करेंगे।
क्या था इमरान मसूद का विवादित बयान?
दरअसल, आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों की दावेदारी को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में कहा था कि 'कांग्रेस पार्टी यूपी में 170 सीटों की डिमांड करेगी और कांग्रेस कोई भिखारी नहीं है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह अपनी दुकान बंद कर दें।'
इस तीखे बयान पर पलटवार करते हुए अरविंद सिंह गोप ने कहा:मैंने पहले भी स्पष्ट किया है कि गठबंधन के नेताओं को इस तरह की बयानबाजी से पूरी तरह बचना चाहिए। इस प्रकार के अनावश्यक बयानों से केवल विपक्षी एकता कमजोर होती है, जिसका सीधा चुनावी लाभ भाजपा को मिलता है।"
"यूपी में बीजेपी को सिर्फ समाजवादी पार्टी ही रोक सकती है"
अरविंद सिंह गोप ने जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए समाजवादी पार्टी की ताकत का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पर अगर भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ को कोई राजनीतिक दल रोकने का माद्दा रखता है, तो वह केवल और केवल समाजवादी पार्टी है। उन्होंने पिछले चुनावों के आंकड़ों और नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने सपा को मुख्य ताकत के रूप में स्वीकारा है, इसीलिए हम मजबूती से खड़े हैं। भाजपा को शिकस्त देने के लिए गठबंधन के सभी सहयोगियों को जमीनी हकीकत को स्वीकार करना होगा।
असदुद्दीन ओवैसी पर बड़ा हमला: "ओवैसी अपनी पार्टी के नेता हो सकते हैं, मुसलमानों के नहीं"
यूपी चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती सक्रियता और दिलचस्पी पर भी अरविंद सिंह गोप ने जमकर निशाना साधा। ओवैसी को आड़े हाथों लेते हुए सपा राष्ट्रीय सचिव ने कहा:असदुद्दीन ओवैसी अपनी राजनीतिक पार्टी के निश्चित रूप से एक बड़े नेता हो सकते हैं, लेकिन वे देश या प्रदेश के मुसलमानों के नेता कतई नहीं हैं। पश्चिम बंगाल और बिहार में उनके कारण ही धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुईं और बीजेपी को जीत मिली। अगर वे सचमुच भाजपा को हराना चाहते हैं, तो उन्हें वहां नहीं जाना चाहिए था।"
उन्होंने आगे कहा कि आज मुल्क के अंदर जो सियासी हालात हैं, उसमें राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बिना धर्मनिरपेक्ष राजनीति की कल्पना नहीं की जा सकती। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए गोप ने कहा कि ममता जी के साथ जो हुआ वह गलत था, लेकिन अगर उन्होंने यह सूझबूझ 6 महीने पहले दिखाई होती, तो आज देश के हालात कुछ और होते। उन्होंने साफ किया कि मुसलमान का असली रहनुमा कौन है, यह ओवैसी तय नहीं करेंगे बल्कि जनता अपने वोट की ताकत से आगामी चुनाव में खुद तय कर देगी।
2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में लड़ेगा गठबंधन
अपने वक्तव्य के अंत में पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप ने एक बार फिर इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों के नेताओं से बिना सोचे-समझे बयान न देने की पुरजोर अपील की। उन्होंने दावा किया कि आने वाला 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के मजबूत और कुशल नेतृत्व में पूरी ताकत के साथ लड़ा जाएगा। इंडिया गठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरेगा, भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करेगा और उत्तर प्रदेश में प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगा।
