यूपी में उच्च शिक्षा का बड़ा विस्तार: योगी कैबिनेट ने दी 3 नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी

Big expansion of higher education in UP: Yogi cabinet approves 3 new private universities
 
यूपी में उच्च शिक्षा का बड़ा विस्तार: योगी कैबिनेट ने दी 3 नए निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और युवाओं को पढ़ाई के बेहतर अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक अहम कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री आवास (5-कालिदास मार्ग) पर आयोजित इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने निजी क्षेत्र के अंतर्गत तीन नए विश्वविद्यालयों (Private Universities) की स्थापना को हरी झंडी दे दी है, जिससे राज्य में शिक्षा के प्रसार और गुणवत्ता दोनों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

लोक भवन के मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस फैसले की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद इन तीनों संस्थानों को आशय पत्र (Letter of Intent - LOP) और संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने की मंजूरी दी गई है।

"मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य लक्ष्य शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है, और सरकार इसी विज़न के साथ लगातार काम कर रही है।" — योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा मंत्री

जानिए कहाँ और कैसे बनेंगे ये 3 नए विश्वविद्यालय

मंजूरी पाने वाले ये तीनों विश्वविद्यालय अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे। इनके लिए जल्द ही अध्यादेश (Ordinance) जारी किए जाएंगे:

1. कानपुर नगर में खुलेगा कृषि आधारित विश्वविद्यालय

  • प्रायोजक संस्था: स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली।

  • लोकेशन: ग्राम गदनपुर आहार, तहसील बिल्हौर, कानपुर नगर।

  • जमीन: 51.739 एकड़।

  • खासियत: यह पूरी तरह से एग्रीकल्चर (कृषि) आधारित विश्वविद्यालय होगा। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा को आधुनिक बनाना और रिसर्च (अनुसंधान) को नई दिशा देना है। इसके लिए उ.प्र. निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश, 2026 लाया जाएगा।

2. गाजियाबाद के डासना में नया एजुकेशन हब

  • प्रायोजक संस्था: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद।

  • लोकेशन: ग्राम डासना (गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र)।

  • जमीन: 26.2656 एकड़।

  • खासियत: यह संस्था पहले से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज का सफल संचालन कर रही है। अब यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने से यहाँ के शहरी और ग्रामीण युवाओं को उच्च शिक्षा के कई नए विकल्प मिलेंगे। इसके लिए उ.प्र. निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश, 2026 पास किया जाएगा।

3. फतेहपुर में उच्च शिक्षा की नई शुरुआत

  • प्रायोजक संस्था: एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर।

  • लोकेशन: कस्बा फतेहपुर दक्षिणी, तहसील फतेहपुर।

  • जमीन: 20.45 एकड़।

  • खासियत: शहरी क्षेत्र के कड़े मानकों को पूरा करते हुए इस संस्थान को 20 एकड़ से अधिक जमीन पर विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगारपरक कोर्स और डिग्री प्रोग्राम शुरू हो सकेंगे। इसके लिए उ.प्र. निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश, 2026 लाया जाएगा।

आंकड़ों में देखिए: 2017 के बाद कैसे बदली यूपी की तस्वीर

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि साल 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में शैक्षणिक संस्थानों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। आजादी के समय से लेकर 2017 तक राज्य में यूनिवर्सिटीज की संख्या बेहद सीमित थी, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में भारी बदलाव आया है।

यूनिवर्सिटी ग्रोथ रिपोर्ट

यूनिवर्सिटी का प्रकार आज़ादी से वर्ष 2017 तक कुल संख्या वर्ष 2017 से 2026 के बीच नए जुड़े वर्तमान कुल संख्या (प्रस्तावित सहित)
सरकारी विश्वविद्यालय (State Govt) 14 +8 नए विश्वविद्यालय 22
निजी विश्वविद्यालय (Private) 27 +29 से अधिक नए विश्वविद्यालय 56

छात्रों को क्या होगा फायदा?

  • पलायन पर रोक: अब यूपी के छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन, आधुनिक रिसर्च और जॉब-ओरिएंटेड (रोजगारपरक) कोर्सेज के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

  • स्थानीय स्तर पर रोजगार: नए विश्वविद्यालयों के आने से न सिर्फ शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि टीचिंग और नॉन-टीचing सेक्टर में रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।

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