UP Higher Education: योगी सरकार का बड़ा फैसला, यूपी में 3 नए प्राइवेट यूनिवर्सिटीज के संचालन को हरी झंडी; जानें डिटेल्स
Three New Private Universities in UP: उत्तर प्रदेश को देश में उच्च शिक्षा और नवाचार का प्रमुख हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रदेश में स्थापित होने जा रहे तीन नए निजी (प्राइवेट) विश्वविद्यालयों के प्रबंधकों को 'संचालन प्राधिकार पत्र' (Letter of Authorization) सौंप दिया है। सरकार के इस कदम से गाजियाबाद, कानपुर और फतेहपुर जिलों में तकनीकी, कृषि और उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार होगा।
सरकार के इस निर्णय से गाजियाबाद, कानपुर और फतेहपुर में उच्च, तकनीकी और कृषि शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे तथा विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का विकल्प मिलेगा।
इन तीन विश्वविद्यालयों को मिली अनुमति
- अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय, गाजियाबाद – इसका संचालन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद द्वारा किया जाएगा।
- महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, बिल्हौर (कानपुर नगर) – इसका संचालन स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली करेगा।
- ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय, फतेहपुर – इसका संचालन एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर द्वारा किया जाएगा।
अध्यादेशों के तहत मिली स्वीकृति
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इन विश्वविद्यालयों को उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में किए गए संशोधनों के तहत अनुमति प्रदान की गई है।
- अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय को तृतीय संशोधन अध्यादेश (संख्या 17, वर्ष 2026) के तहत शामिल किया गया।
- महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय को चतुर्थ संशोधन अध्यादेश (संख्या 18, वर्ष 2026) के माध्यम से स्वीकृति मिली।
- ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय को पंचम संशोधन अध्यादेश (संख्या 19, वर्ष 2026) के तहत संचालन की अनुमति दी गई।
गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश को उच्च शिक्षा और अनुसंधान का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने संबंधित संस्थाओं से शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों और नियमों का पालन करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और मूल्य आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की अपेक्षा की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निजी निवेश को प्रोत्साहित कर उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बना रही है, ताकि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक शिक्षण सुविधाएं और उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण अपने ही राज्य में उपलब्ध हो सके।
