UP Infrastructure: गोंडा को ₹4,901 करोड़ की सौगात; 1600 किमी ग्रामीण सड़कें, पुल और 12 नए हेलीपैड से बदलेगी सूरत
गोंडा (19 जून 2026):
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोंडा दौरे के दौरान देवीपाटन और बस्ती मंडल के विकास को एक नई रफ्तार मिली है। दोनों मंडलों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए 4,901.65 करोड़ रुपये के मेगा बजट को हरी झंडी दी गई है। इस भारी-भरकम बजट के जरिए क्षेत्र की सड़कों, पुलों और कनेक्टिविटी की तस्वीर पूरी तरह बदलने की तैयारी है।
इस वृहद कार्ययोजना के तहत ग्रामीण इलाकों से लेकर धार्मिक और औद्योगिक क्षेत्रों तक को आपस में जोड़ने पर विशेष फोकस किया गया है।
सड़कों का महाजाल: किस योजना पर कितना होगा खर्च?
समीक्षा बैठक में स्वीकृत बजट के अनुसार, बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कई स्तरों पर काम किया जाएगा:
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मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (बड़ा फोकस): ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए इस योजना के तहत सबसे ज्यादा 810 कार्य किए जाएंगे। लगभग 1,472.83 करोड़ रुपये की लागत से 1,602 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया जाएगा।
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मुख्य जिला मार्ग: जिले की 50 प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, जिससे शहरों और कस्बों के बीच का सफर आसान हो सके।
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धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: आस्था के केंद्रों को जोड़ने के लिए 13 धार्मिक मार्गों का विशेष विकास किया जाएगा।
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स्टेट हाईवे और औद्योगिक गलियारे: क्षेत्र में कनेक्टिविटी और व्यापार को रफ्तार देने के लिए 2 राज्य राजमार्गों (State Highways) और फैक्ट्रियों व औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी 2 महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण होगा।
पुल, बाईपास और 12 नए हेलीपैड का निर्माण
सड़कों के अलावा यातायात को सुगम बनाने और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े फैसले लिए गए हैं:
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पुलों का निर्माण: नदियों और नालों पर आवागमन सुचारू करने के लिए 81 छोटे पुल और 7 बड़े पुलों का निर्माण किया जाएगा।
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जाम से मुक्ति: गोंडा शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नए बाईपास, फ्लाईओवर, नई लिंक रोड और सड़क सुरक्षा (Road Safety) से जुड़े पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।
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एयर कनेक्टिविटी: आपातकालीन स्थितियों और वीआईपी मूवमेंट को आसान बनाने के लिए जिले में 12 नए हेलीपैड तैयार करने की योजना है।
टेंडर गड़बड़ी की आशंका: PWD दफ्तर में 24 घंटे मचा रहा हड़कंप
प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री का यह कड़ा रुख पिछले दिनों देवीपाटन मंडल में सामने आई टेंडर प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों को लेकर था।
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फाइलों को दुरुस्त करने की होड़: इस संभावित जवाब-तलब और मुख्यमंत्री की नाराजगी की भनक लगते ही गोंडा लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
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कागजी कार्रवाई: कार्रवाई के डर से विभाग के अधिकारी पिछले 24 घंटों से लगातार फाइलों और दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुटे रहे ताकि समीक्षा के दौरान किसी भी बड़ी चूक से बचा जा सके।
चप्पे-चप्पे पर पहरा: कड़े प्रोटोकॉल और सुरक्षा के बीच बैठक
कमिश्नर कार्यालय के महाराजा सुहेलदेव सभागार में करीब डेढ़ घंटे तक चली इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल के बेहद कड़े नियम देखने को मिले:
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वीआईपी के मोबाइल जमा: बैठक की गोपनीयता और सुरक्षा को देखते हुए दोनों मंडलों से आए सभी जनप्रतिनिधियों (सांसदों और विधायकों) के एंट्री गेट पर ही मोबाइल फोन जमा करा लिए गए।
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आईडी कार्ड अनिवार्य: केवल पहचान पत्र (ID Card) की गहन जांच के बाद ही माननीय सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों को सभागार के भीतर जाने की अनुमति मिली। वहीं, कड़े प्रोटोकॉल के कारण सांसदों और विधायकों के साथ आए समर्थकों व आम लोगों को बाहर ही रोक दिया गया।
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हाई-अलर्ट पर पुलिस: मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस लाइन हेलीपैड से लेकर कमिश्नरी कार्यालय तक चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। खुद पुलिस अधीक्षक (SP) लगातार सुरक्षा व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण करते रहे, जबकि डिजिटल सेल द्वारा सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखी गई।
गोंडा से अयोध्या के लिए रवाना हुए सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर दोपहर 12:20 बजे गोंडा पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरा था। इसके बाद उन्होंने दोपहर 12:30 बजे से 1:41 बजे तक करीब 71 मिनट तक गहन समीक्षा बैठक की। बैठक के समापन के बाद सीएम सीधे गोंडा सर्किट हाउस पहुंचे, जहां कुछ देर विश्राम करने और अधिकारियों से अनौपचारिक वार्ता के बाद वे अपने अगले गंतव्य, अयोध्या के लिए रवाना हो गए।


