UP Infrastructure: 15 जून को रचा जाएगा इतिहास! लखनऊ से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली उड़ान भरेंगे 75 बड़े कारोबारी परिवार
बिजनेस डेस्क, लखनऊ (12 जून 2026):
उत्तर प्रदेश के विकास और औद्योगिक इतिहास में आगामी 15 जून का दिन एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' के लिए संचालित होने वाली देश की पहली कमर्शियल उड़ान के साक्षी बनने के लिए दिल्ली-एनसीआर और नोएडा के 75 प्रमुख कारोबारी परिवार रविवार को नवाबों के शहर लखनऊ पहुंचेंगे। ये सभी दिग्गज उद्योगपति और उद्यमी 15 जून की सुबह लखनऊ से उड़ान भरकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने वाली पहली ऐतिहासिक फ्लाइट के गौरवशाली यात्री बनेंगे।
यह आयोजन केवल एक शहर से दूसरे शहर के बीच विमान सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि उस महा-सपने का उत्सव है जिसका इंतजार वर्षों से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र, वैश्विक निवेशकों और लाखों घर खरीदारों को था।
सीआरसी ग्रुप (CRC Group) की अनूठी पहल
उद्योग जगत को इस ऐतिहासिक पल से जोड़ने की इस विशेष और भव्य पहल का नेतृत्व रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रतिष्ठित सीआरसी ग्रुप ने किया है। कंपनी के मुताबिक, यह यात्रा उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' की आधिकारिक शुरुआत का एक शानदार जश्न है।
इस पहली उड़ान में सफर करने वाले 75 कारोबारी परिवारों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
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रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े डेवलपर्स।
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मैन्युफैक्चरिंग, आईटी (Information Technology) और टेक सेक्टर के लीडर्स।
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शिक्षा, हॉस्पिटैलिटी (होटल उद्योग) और सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख उद्योगपति।
इन सभी का योगदान नोएडा और आसपास के क्षेत्रों को देश का अग्रणी इकोनॉमिक हब बनाने में बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
"उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास की नई उड़ान" — सलिल कुमार
इस गौरवशाली आयोजन पर बात करते हुए सीआरसी ग्रुप के निदेशक (बिजनेस मैनेजमेंट एवं मार्केटिंग) श्री सलिल कुमार ने कहा:नोएडा की विकास गाथा आज रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही है और भारत का यह सबसे बड़ा आगामी एयरपोर्ट इस शहर के मुकुट में सबसे चमकदार कोहिनूर की तरह जुड़ने जा रहा है। हमें बेहद गर्व है कि नोएडा के 75 सबसे प्रतिष्ठित और आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले कारोबारी परिवार इस ऐतिहासिक अवसर के गवाह बन रहे हैं। यह उड़ान केवल लखनऊ से नोएडा तक की भौतिक दूरी तय नहीं करेगी, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास, वैश्विक निवेश और इंटरनेशनल ब्रांडिंग की नई और ऊंची उड़ान का लाइव प्रतीक है।"
उन्होंने आगे कहा कि इस एयरपोर्ट के पूरी तरह क्रियाशील होने के बाद वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC), बहुराष्ट्रीय कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का रुझान इस पूरे बेल्ट में कई गुना बढ़ जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स, टूरिज्म और रीयल एस्टेट को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
लखनऊ में सजेगी उद्योगपतियों की महफिल; होगी महा-चर्चा
रविवार को जब ये 75 औद्योगिक परिवार लखनऊ पहुंचेंगे, तो उनके स्वागत के लिए राजधानी में एक विशेष स्वागत समारोह और हाई-लेवल नेटवर्किंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान उद्योग जगत के ये शीर्ष प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश शासन के अधिकारियों के साथ मिलकर जेवर एयरपोर्ट से पैदा होने वाली नई व्यापारिक संभावनाओं, नए औद्योगिक निवेश के अवसरों और क्षेत्रीय आर्थिक विकास के रोडमैप पर विस्तृत परिचर्चा करेंगे।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा 'आर्थिक इंजन'
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने से न केवल नोएडा-ग्रेटर नोएडा बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में भारी उछाल आएगा। यह एयरपोर्ट आने वाले समय में उत्तर भारत के सबसे बड़े 'इकोनॉमिक इंजन' के रूप में काम करेगा, जो प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार और उद्यमिता (Entrepreneurship) के नए द्वार खोलेगा। 15 जून की सुबह जब यह पहली कमर्शियल फ्लाइट जेवर की धरती पर लैंड करेगी, तब इतिहास के पन्नों में उत्तर प्रदेश के एविएशन सेक्टर का एक नया स्वर्णिम दौर दर्ज हो चुका होगा।
