UP International Employment Cell For Global Jobs: यूपी के युवाओं को मिलेंगे विदेशी कंपनियों में रोजगार के अवसर! कौशल विकास मिशन ने बनाया 'इंटरनेशनल एम्पलॉयमेंट सेल'

UP Skill Development Mission: Youth of UP will get employment opportunities in foreign companies! Skill Development Mission created 'International Employment Cell'
 
UP International Employment Cell For Global Jobs

UP International Employment Cell For Global Jobs: उत्तर प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अब वैश्विक रोजगार बाजार (Global Job Market) से जोड़ने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के अंतर्गत विशेष ‘इंटरनेशनल एम्पलॉयमेंट सेल’ (International Employment Cell) का गठन किया गया है।

यह सेल विदेशी कंपनियों और बहुराष्ट्रीय नियोक्ताओं की मांग का अध्ययन कर युवाओं को विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिलाएगा और उन्हें पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से विदेशों में सम्मानजनक नौकरियों से जोड़ेगा।

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को उनकी योग्यता और कौशल के अनुरूप बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा प्रतिभा और क्षमता के मामले में किसी से पीछे नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय रोजगार प्रकोष्ठ के माध्यम से उन्हें विदेशों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने के लिए व्यवस्थित तंत्र विकसित किया जा रहा है।

35 सेक्टरों में 1,300 से अधिक जॉब रोल

मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन वर्तमान में 35 प्रमुख सेक्टरों में 1,300 से अधिक जॉब रोल के लिए युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। अब इस प्रशिक्षण व्यवस्था को वैश्विक रोजगार की जरूरतों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य केवल विदेशों में नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिन कौशलों की मांग बढ़ रही है, उसके अनुसार युवाओं को पहले से तैयार करना भी है। इससे प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने की उम्मीद है।

हर 15 दिन में होगा समन्वय

इंटरनेशनल एम्पलॉयमेंट सेल विदेशों में रोजगार से जुड़े विभिन्न स्रोतों के साथ नियमित संपर्क बनाएगा। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय में पंजीकृत रिक्रूटिंग एजेंटों, सेवायोजन निदेशालय, उत्तर प्रदेश के ‘मिशन रोजगार’ तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर विदेशों से आने वाली मानव संसाधन की मांग जुटाई जाएगी।

सेल प्रत्येक 15 दिन में ‘मिशन रोजगार सेल’ के साथ बैठक और समन्वय करेगा। विभिन्न देशों और रोजगार क्षेत्रों में उपलब्ध नई रिक्तियों तथा कौशल संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी के आधार पर योग्य और प्रशिक्षित युवाओं का डेटाबेस तैयार किया जाएगा।

भविष्य की नौकरियों का भी होगा आकलन

इंटरनेशनल एम्पलॉयमेंट सेल केवल मौजूदा रिक्तियों की जानकारी तक सीमित नहीं रहेगा। विदेशों में आने वाले समय में किन क्षेत्रों में कुशल कामगारों की मांग बढ़ सकती है, इसका भी पूर्व आकलन किया जाएगा।

इस जानकारी को टीपीपी सेल के साथ साझा किया जाएगा, ताकि रोजगार बाजार की संभावित जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जा सकें। इससे युवाओं को नौकरी आने के बाद प्रशिक्षण देने के बजाय पहले से ही संभावित अवसरों के लिए तैयार किया जा सकेगा।

इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से होगी मांग की स्टडी

विदेशों में कुशल मानव संसाधन की मांग को समझने के लिए इन्वेस्ट यूपी के सहयोग से विभिन्न देशों और सेक्टरों का अध्ययन किया जाएगा। इसके माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास होगा कि किन देशों में उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं और किन कौशलों की वहां सबसे ज्यादा जरूरत है।

इस अध्ययन के आधार पर प्रशिक्षण, रोजगार और अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट की रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

पहले से प्रशिक्षित युवाओं को प्राथमिकता

सरकार की योजना में उन युवाओं को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षण तो प्राप्त कर लिया है, लेकिन अभी तक उन्हें रोजगार नहीं मिल पाया है। ऐसे प्रशिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता और उपलब्ध अवसरों के अनुरूप विदेशों में रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इससे एक ओर प्रशिक्षित मानव संसाधन का बेहतर उपयोग होगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं को वैश्विक स्तर पर काम करने का अवसर मिल सकेगा।

पारदर्शी प्रक्रिया पर जोर

इंटरनेशनल एम्पलॉयमेंट सेल के माध्यम से युवाओं को विदेशों में रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय पर जोर दिया जा रहा है। सेल में डॉ. एम.के. सिंह, सहायक निदेशक को अध्यक्ष और विजय नामदेव, सहायक प्रबंधक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

सरकार का मानना है कि वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण और रोजगार को जोड़ने से प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, विदेशों में प्रशिक्षित और कुशल उत्तर प्रदेश के युवाओं की मौजूदगी प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता को वैश्विक पहचान दिलाने में भी मदद कर सकती है।

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