UP Mango Festival 2026: लखनऊ में आज से शुरू हो रहा तीन दिवसीय भव्य 'आम महोत्सव', दिखेगी 800 से अधिक प्रजातियों की झलक

UP Mango Festival 2026: A grand three-day 'Mango Festival' begins in Lucknow today; over 800 varieties to be showcased.
 
800 से अधिक आम की प्रजातियाँ बनेंगी आकर्षण का केंद्र इस तीन दिवसीय महोत्सव में आम के शौकीनों और आम जनता के लिए देश-विदेश की लगभग 800 से अधिक दुर्लभ और उन्नत प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। विविधता को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने के लिए इन प्रजातियों को 7 मुख्य श्रेणियों और 56 उप-वर्गों में विभाजित किया गया है।  आम उत्पादन में देश में नंबर-1 है उत्तर प्रदेश प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने गर्व के साथ आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश देश में आम उत्पादन के मामले में शीर्ष पायदान पर काबिज है। राज्य में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम के बाग फैले हैं, जहाँ 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का रिकॉर्ड उत्पादन होता है। यह कुल उत्पादन पूरे भारत के आम उत्पादन का 26.22 प्रतिशत है।  निर्यात में दर्ज की गई 5 गुना से अधिक की भारी उछाल योगी सरकार के विशेष प्रयासों से उत्तर प्रदेश से विदेशों में आम और मैंगो पल्प (गूदा) के निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है:  वित्तीय वर्ष 2024-25: उत्तर प्रदेश ने 2.63 करोड़ रुपये मूल्य का 404 मीट्रिक टन आम निर्यात किया था।  वित्तीय वर्ष 2025-26: यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 12.67 करोड़ रुपये मूल्य के 3,563 मीट्रिक टन पर पहुंच गया, जो प्रदेश के कृषि इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।  वर्तमान में उत्तर प्रदेश के आमों की मिठास यूनाइटेड किंगडम (UK), संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे शक्तिशाली और प्रतिष्ठित देशों तक पहुंच रही है।  अंतरराष्ट्रीय मानकों के लिए 'मैंगो पैक हाउस' तैयार विदेशों में आम के निर्यात को सुगम और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुकूल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इसके तहत लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में अत्याधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इन पैक हाउसों में निर्यात से पहले आमों की प्री-प्रोसेसिंग, हॉट वाटर ट्रीटमेंट, ग्रेडिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार वैक्यूम पैकिंग की जाती है, जिससे आमों की गुणवत्ता लंबे समय तक खराब नहीं होती।  पहली बार होगा 'क्रेता-विक्रेता सम्मेलन', जुटेंगे कई राज्य महोत्सव के दौरान पहली बार 04 जुलाई, 2026 को 'जन भवन', लखनऊ में एक विशेष 'आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन' (Buyer-Seller Meet) का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश और विदेश के बड़े निर्यातक, फूड प्रोसेसिंग कंपनियां और प्रगतिशील किसान सीधे एक-दूसरे से व्यापारिक संवाद कर सकेंगे।  इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बागवानी विभागों के प्रतिनिधि, बागवान और निर्यातक भी अपनी भागीदारी दर्ज कराने पहुंच रहे हैं।  बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं और किसानों के लिए कार्यशाला आम महोत्सव को आम जनता के लिए मनोरंजक और किसानों के लिए ज्ञानवर्धक बनाने के लिए कई विशेष आयोजन किए जा रहे हैं:  मनोरंजन और स्वाद: बच्चों और आम नागरिकों के लिए 'आम खाने की प्रतियोगिता' और आम से बने लजीज व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित होगी।  तकनीकी ज्ञान: देश के शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बागवानों के लिए उन्नत बागवानी तकनीक, फसल तुड़ाई के बाद का प्रबंधन (Post-Harvest Management), कीट-व्याधि नियंत्रण और स्मार्ट मार्केटिंग रणनीतियों पर व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

उत्तर प्रदेश के रसीले और विश्वप्रसिद्ध आमों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए राजधानी लखनऊ में आज से तीन दिवसीय 'उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026' का भव्य आगाज़ होने जा रहा है। प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान इस महोत्सव की रूपरेखा और तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की।

यह ऐतिहासिक महोत्सव 03 से 05 जुलाई, 2026 तक गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) में आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के मेहनती बागवानों को सम्मानित करना और उत्तर प्रदेश की बागवानी फसलों को वैश्विक बाजारों में एक मजबूत पहचान दिलाना है।

800 से अधिक आम की प्रजातियाँ बनेंगी आकर्षण का केंद्र

इस तीन दिवसीय महोत्सव में आम के शौकीनों और आम जनता के लिए देश-विदेश की लगभग 800 से अधिक दुर्लभ और उन्नत प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। विविधता को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने के लिए इन प्रजातियों को 7 मुख्य श्रेणियों और 56 उप-वर्गों में विभाजित किया गया है।

आम उत्पादन में देश में नंबर-1 है उत्तर प्रदेश

प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने गर्व के साथ आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश देश में आम उत्पादन के मामले में शीर्ष पायदान पर काबिज है। राज्य में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम के बाग फैले हैं, जहाँ 61.96 लाख मीट्रिक टन आम का रिकॉर्ड उत्पादन होता है। यह कुल उत्पादन पूरे भारत के आम उत्पादन का 26.22 प्रतिशत है।

निर्यात में दर्ज की गई 5 गुना से अधिक की भारी उछाल

योगी सरकार के विशेष प्रयासों से उत्तर प्रदेश से विदेशों में आम और मैंगो पल्प (गूदा) के निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है:

  • वित्तीय वर्ष 2024-25: उत्तर प्रदेश ने 2.63 करोड़ रुपये मूल्य का 404 मीट्रिक टन आम निर्यात किया था।

  • वित्तीय वर्ष 2025-26: यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 12.67 करोड़ रुपये मूल्य के 3,563 मीट्रिक टन पर पहुंच गया, जो प्रदेश के कृषि इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश के आमों की मिठास यूनाइटेड किंगडम (UK), संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर और रूस जैसे शक्तिशाली और प्रतिष्ठित देशों तक पहुंच रही है।

अंतरराष्ट्रीय मानकों के लिए 'मैंगो पैक हाउस' तैयार

विदेशों में आम के निर्यात को सुगम और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के अनुकूल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। इसके तहत लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी और अमरोहा में अत्याधुनिक मैंगो पैक हाउस स्थापित किए गए हैं। इन पैक हाउसों में निर्यात से पहले आमों की प्री-प्रोसेसिंग, हॉट वाटर ट्रीटमेंट, ग्रेडिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार वैक्यूम पैकिंग की जाती है, जिससे आमों की गुणवत्ता लंबे समय तक खराब नहीं होती।

पहली बार होगा 'क्रेता-विक्रेता सम्मेलन', जुटेंगे कई राज्य

महोत्सव के दौरान पहली बार 04 जुलाई, 2026 को 'जन भवन', लखनऊ में एक विशेष 'आम क्रेता-विक्रेता सम्मेलन' (Buyer-Seller Meet) का आयोजन किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश और विदेश के बड़े निर्यातक, फूड प्रोसेसिंग कंपनियां और प्रगतिशील किसान सीधे एक-दूसरे से व्यापारिक संवाद कर सकेंगे।

इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बागवानी विभागों के प्रतिनिधि, बागवान और निर्यातक भी अपनी भागीदारी दर्ज कराने पहुंच रहे हैं।

बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं और किसानों के लिए कार्यशाला

आम महोत्सव को आम जनता के लिए मनोरंजक और किसानों के लिए ज्ञानवर्धक बनाने के लिए कई विशेष आयोजन किए जा रहे हैं:

  • मनोरंजन और स्वाद: बच्चों और आम नागरिकों के लिए 'आम खाने की प्रतियोगिता' और आम से बने लजीज व्यंजनों की प्रतियोगिता आयोजित होगी।

  • तकनीकी ज्ञान: देश के शीर्ष कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बागवानों के लिए उन्नत बागवानी तकनीक, फसल तुड़ाई के बाद का प्रबंधन (Post-Harvest Management), कीट-व्याधि नियंत्रण और स्मार्ट मार्केटिंग रणनीतियों पर व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

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