UP News: गोंडा में सीएम योगी की हाई-लेवल बैठक, PWD अफसरों को कड़ी चेतावनी; ₹4,901 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी

UP News: CM Yogi holds high-level meeting in Gonda, issues stern warning to PWD officials; greenlights development projects worth ₹4,901 crore.
 
UP News: गोंडा में सीएम योगी की हाई-लेवल बैठक, PWD अफसरों को कड़ी चेतावनी; ₹4,901 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी

गोंडा (19 जून 2026):

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा का दौरा कर देवीपाटन और बस्ती मंडल के विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। कमिश्नर कार्यालय के महाराजा सुहेलदेव सभागार में आयोजित यह महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों मंडलों के बुनियादी ढांचे, विशेषकर सड़कों और पुलों के कायाकल्प को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।

हालांकि, इस प्रशासनिक बैठक से विपक्षी दलों की दूरी चर्चा का विषय रही। समाजवादी पार्टी (सपा) या अन्य किसी भी विपक्षी दल के विधायक न तो इस बैठक में नजर आए और न ही उन्हें इसके लिए आमंत्रित किया गया था।

PWD अधिकारियों पर बरसे सीएम: 'स्टे' लाकर मनमानी करने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की कार्यप्रणाली और मनमानी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।

  • सख्त हिदायत: सीएम ने साफ कहा कि विभागीय कार्रवाई के बाद कोर्ट से 'स्टे' (स्थगन आदेश) लेकर काम में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कदम उठाए जाएंगे।

  • अधिकारियों को चेतावनी: विशेष रूप से गोंडा देवीपाटन मंडल के मुख्य अभियंता और गोंडा पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को मुख्यमंत्री की नाराजगी का सामना करना पड़ा और उन्हें काम सुधारने की सख्त चेतावनी दी गई।

  • जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता: सीएम ने निर्देश दिए कि स्थानीय विधायकों और सांसदों द्वारा सड़कों के निर्माण व मरम्मत के जो भी प्रस्ताव दिए गए हैं, उन पर तत्काल संज्ञान लेकर काम शुरू कराया जाए।

₹4,901.65 करोड़ से संवरेगी बुनियादी व्यवस्था

समीक्षा बैठक में दोनों मंडलों के विकास के लिए एक विशाल बजट को मंजूरी दी गई। सरकार इस पूरी योजना के तहत 4,901.65 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है, जिससे कुल 1,009 विकास कार्य पूरे किए जाएंगे।

कड़े सुरक्षा इंतजाम:

बैठक की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को सभाकक्ष के भीतर मोबाइल फोन ले जाने की इजाजत नहीं थी। केवल विशेष एंट्री कार्ड धारकों को ही कड़े सत्यापन के बाद प्रवेश दिया गया।

सांसद करण भूषण ने लिया आशीर्वाद, अफसरों में दिखी हलचल

इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरा, जहां कैसरगंज से नवनिर्वाचित भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला बैठक स्थल की ओर बढ़ा। इस दौरान प्रशासनिक अमले में भारी हलचल देखी गई; कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल, डीएम प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल मुस्तैदी से अपने-अपने वाहनों की ओर बढ़ते नजर आए। बैठक के दौरान एक हल्का पल भी आया जब वरिष्ठ नेता जगदंबिका पाल के एक सवाल पर मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए दिखे।

कमिश्नरी के बाहर वकीलों का प्रदर्शन: 'डीएम वापस जाओ' के लगे नारे

एक तरफ जहां भीतर समीक्षा बैठक चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ गोंडा कमिश्नरी के बाहर अधिवक्ताओं (वकीलों) ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया।

  • प्रमुख मांगें: वकील नगर कोतवाली में उनके साथियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे थे।

  • धरना और नारेबाजी: प्रदर्शनकारियों ने 'मुख्यमंत्री जिंदाबाद' के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन के खिलाफ 'डीएम वापस जाओ' के नारे भी लगाए। सुरक्षा घेरे को देखते हुए वकील बैठक स्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक-एक करके धरने पर बैठ गए। माहौल को शांत कराने और वकीलों को समझाने के लिए डीआईजी अशोक कुमार शुक्ला स्वयं मौके पर मोर्चा संभाले रहे

Tags