UP News: 'जिनकी भारत में आस्था नहीं, उनके लिए देश धर्मशाला नहीं'; रामभद्राचार्य की श्रीराम कथा के समापन में बोले सीएम योगी
लखनऊ, 09 जून 2026: राजधानी लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित 'बृज की रसोई' परिसर में आयोजित भव्य नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। इस विशेष समापन अवसर (विश्राम दिवस) पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कथा स्थल पहुंचकर पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और भावपूर्ण ढंग से कथा श्रवण किया।
इस धार्मिक महाकुंभ के आखिरी दिन भयंकर गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु प्रभु राम की महिमा सुनने के लिए उपस्थित रहे।
"जात-पात और पंथ में न बंटें, सारे हिंदू एक हों": जगद्गुरु रामभद्राचार्य
कथा के विश्राम दिवस पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने 'नवधा भक्ति' के अंतर्गत आने वाले 'सख्य भाव' की बेहद मर्मज्ञ और व्यावहारिक व्याख्या की। उन्होंने राष्ट्र और समाज को एकजुट करने का बड़ा संदेश देते हुए कहा:सख्य का सामान्य अर्थ मित्रता है, लेकिन इसका वास्तविक और आध्यात्मिक अर्थ भगवान के चरणों में अटूट विश्वास है। जिसका मन हमेशा अपने लक्ष्य पर अडिग रहता है, उसे 'लक्ष्मण' कहते हैं। रामायण के संदर्भ में रावण एक विदेशी आक्रांता था और माता सीता हमारी पावन भारतीय संस्कृति का प्रतीक हैं। यही कारण था कि उस समय संस्कृति की रक्षा के लिए समस्त वानर और भालू जात-पात भूलकर एकजुट हो गए थे।"
जगद्गुरु ने आगे भावुक अपील करते हुए कहा, "मैं आप सभी से कहता हूँ कि न तो जातियों में बंटो, न धर्म और पंथ के आधार पर बंटो। आपस में भले ही तुम्हारे मत (विचार) अलग हों, परंतु राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए सारे हिंदू एक हो जाओ।" उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से भारत को अखंड, अजेय और सार्वभौम बनाने के लिए नियमित रूप से सुंदरकाण्ड और हनुमान चालीसा का पाठ करने का आह्वान किया।
हर भारतीय को जोड़ने वाला नाम है राम": मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
कथा व्यास जगद्गुरु रामभद्राचार्य को सनातन आर्ष परंपरा का सच्चा संवाहक बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में तीखे और स्पष्ट विचार रखे। सीएम योगी ने कहा:
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राम नाम में समाधान: मानव जीवन की हर छोटी-बड़ी समस्या का अंतिम समाधान प्रभु श्रीराम के पवित्र नाम में समाहित है।
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भारतीय डीएनए और राम: हर वह व्यक्ति जिसका डीएनए (DNA) भारतीय है, वह मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम को पूरी श्रद्धा से मानता है, क्योंकि 'राम' हर भारतीय को आपस में जोड़ने वाला नाम है।
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धर्मशाला नहीं है भारत: मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि जो लोग भारत भूमि के प्रति अपनी आस्था और निष्ठा नहीं रखते हैं, उनके लिए यह देश कोई 'धर्मशाला' नहीं है जहाँ वे जब चाहें आकर व्यवस्था को नुकसान पहुँचाएं।
दिग्गजों का जमावड़ा; आयोजक मंडल ने किया भव्य स्वागत
श्रीराम कथा के सफल आयोजन पर आयोजक मंडल की ओर से लखनऊ के स्थानीय विधायक डॉ. नीरज बोरा, वत्सल बोरा एवं बिंदु बोरा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित लखनऊ पहुंचे कई वीआईपी मेहमानों का भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. महेंद्र सिंह, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, स्टांप एवं न्यायालय शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल, लालजी प्रसाद निर्मल, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी सहित कई गणमान्य विभूतियां उपस्थित रहीं।
विशाल भंडारे के साथ हुआ समापन
कथा के मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि कार्यक्रम की व्यवस्था में अभूतपूर्व योगदान देने के लिए श्री श्याम परिवार, मारवाड़ी युवा मंच, सिविल डिफेंस, एकल अभियान, बोरा फाउंडेशन, इंटरनेशनल वैश्य फेडरेशन और आयोजक संस्था 'उत्सव' के सभी वालंटियर्स व कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया गया।
कथा के सफल विश्राम के उपलक्ष्य में श्री श्याम परिवार के सौजन्य से एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें देर रात तक हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया।



