UP News: उत्तर प्रदेश में 5 से 21 जून तक मनेगा 'जनकल्याण पर्व'; युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का बड़ा अभियान शुरू
लखनऊ, 10 जून 2026:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पूरे राज्य में व्यापक 'जनकल्याण पर्व' (5 जून से 21 जून 2026) मना रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के जन-जागरूकता प्रसार के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, प्रशिक्षुओं और नव-उद्यमियों को कौशल विकास, रोजगार तथा स्वरोजगार के बेहतरीन अवसरों से सीधे जोड़ना है।
उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने इस महा-अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI), प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों के संयुक्त समन्वय से राज्य के सभी जनपदों में तिथि-वार (Date-wise) विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला तैयार की गई है। इसके तहत मंडलीय रोजगार मेले, कौशल प्रदर्शनियां, उद्यमिता संगोष्ठियां और उद्योगों के साथ सीधे संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 'जनकल्याण पर्व' का पूरा शेड्यूल (तिथि-वार मुख्य कार्यक्रम):
इस अभियान के तहत अलग-अलग जनपदों में युवाओं के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की सूची इस प्रकार है:
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06 जून (संपन्न): बस्ती एवं अयोध्या में व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण आधारित प्रतियोगिताओं तथा संवाद कार्यक्रमों का सफल आयोजन हुआ।
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08 जून (संपन्न): अमरोहा, गोरखपुर और हापुड़ सहित कई जिलों में कौशल एवं उद्यमिता विषयक महत्वपूर्ण संगोष्ठियां आयोजित की गईं।
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09 जून (संपन्न): सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, फिरोजाबाद, अलीगढ़, बरेली, आजमगढ़ और बहराइच में भव्य कौशल प्रदर्शनियां एवं युवा संवाद आयोजित किए गए।
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11 जून: बुलन्दशहर और मुरादाबाद में कौशल प्रशिक्षण से संबंधित विशेष प्रदर्शनियां एवं संगोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
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12 जून: आगरा, एटा, देवरिया, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर में कौशल विकास मिशन के विशेष कार्यक्रम चलेंगे। इसी दिन देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर एक बृहद मंडलीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा, जहाँ कई कंपनियां युवाओं का चयन करेंगी।
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15 जून: शामली, मथुरा, हाथरस, बिजनौर और मऊ में शिक्षुता (Apprenticeship) प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम होंगे।
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16 जून: गाजियाबाद, पीलीभीत और महाराजगंज में कौशल प्रदर्शनियों एवं जन-जागरूकता रैलियों का आयोजन किया जाएगा।
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17 जून: मेरठ मंडल मुख्यालय पर एक विशाल मंडलीय रोजगार मेला आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं को मौके पर ही जॉब लेटर्स (रोजगार के अवसर) उपलब्ध कराए जाएंगे।
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18 जून: मैनपुरी में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं जन-जागरूकता पर आधारित संगोष्ठी आयोजित होगी।
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19 जून: मुजफ्फरनगर, सम्भल, बदायूं और संत कबीर नगर में युवाओं के लिए कौशल एवं उद्यमिता मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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20 जून: कासगंज, कुशीनगर, श्रावस्ती सहित विभिन्न जनपदों में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रमों के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।
कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त माध्यम: मंत्री कपिल देव अग्रवाल
विभागीय समीक्षा करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने कौशल विकास (Skill Development) को युवाओं के रोजगार और आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा हथियार बनाया है। प्रदेश में लाखों युवाओं को नेशनल और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड पर ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि 'जनकल्याण पर्व' केवल उपलब्धियों को गिनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह धरातल पर जाकर युवाओं को नए और स्वर्णिम अवसरों से रूबरू कराने का एक उत्सव है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे लाभ
अभियान की सफलता को लेकर राज्यमंत्री ने सभी जिला समन्वयकों, आईटीआई प्राचार्यों, प्रशिक्षण संस्थानों और विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि-वार कार्यक्रमों का सफल और पारदर्शी आयोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, इन मेलों और प्रदर्शनियों में अधिकतम जनसहभागिता (Public Participation) सुनिश्चित की जाए, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम छोर पर बैठे युवाओं तक भी केंद्र एवं राज्य सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ आसानी से पहुँच सके।
